NATIONAL PENSION SYSTEM: अब पा सकते हैं हर महीने 50 हजार रुपये तक पेंशन,बस करना होगा ये काम

PM Kisan Mandhan Yojana

NATIONAL PENSION SYSTEM: अपने अच्छे बुढ़ापे की चिंता सभी को सताती रही है। अगर आप भी अपना बुढ़ापा सुरक्षित करना चाहते है और सोच रहे है की पैसे कि दिक्कत का सामना न करना पड़े तो आज से प्लानिंग शुरू कर दें। रिटायरमेंट (Retirement) के लिए पैसे बचाने की शुरुआत नौकरी शुरू होने के दिन से करत देनी चाहिए। दरअसल, आप जितनी जल्दी सेविंग्स की शुरुआत करते है, उतना ही रिटायरमेंट तक आपको अधिक पैसा मिलेगा। रिटायरमेंट फंड जमा करने के लिए आपके पास बहुत सारे निवेश विकल्प मौजूद हैं जैसे EPF, NPS, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, रियल एस्टेट वगैरह की जरूरत पड़ती है।

क्या है NPS योजना

नेशनल पेंशन सिस्टम एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसमें इक्विटी और डेब्ट इंस्ट्रूमेंट दोनों में शामिल किया गया है. NPS को सरकार की तरफ से गारंटी भी मिलती है। रिटायरमेंट के बाद ज्यादा मासिक पेंशन पाने के लिए आपको इस योजना में निवेश जरूर करना चाहिए।

आयकर में भी मिलेगी छूट

यह योजना सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), सुकन्या समृद्धि योजना आदि की तरह ही सरकारी योजना भी है। इसमें कोई भी इन्वेस्टर maturity अमाउंट का सही प्रयोग कर अपनी मासिक पेंशन राशि को ज्यादा बढ़ा भी सकता है। इसके जरिए आपका सालाना 2 लाख रुपये तक का टैक्स भी बचाया जा सकता हैं। इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के अनुसार आप अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक टैक्स बचाया जा सकता हैं। अगर आप NPS में निवेश करत रहे हैं तो आपको 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है ।

50 हजार रुपये महिना पेंशन

NPC में 40 सालों तक हर महीने 5000 रुपये जमा करवाने पर आपको 1.91 करोड़ रुपये मिलने वाले है। इसके बाद आपको मैच्युरिटी अमाउंट के निवेश पर 2 लाख महिना पेंशन मिलेगी। इसके अंतर्गत आपको Systematic Withdrawal Plan (SWP) से 1.43 लाख रु और 63,768 रुपये का मासिक रिटर्न भी मिलता है। इसमें निवेशक के जिंदा रहते तक वार्षिकी से 63,768 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है।

NPS होते है दो तरह के

NPS दो तरह के होते हैं, टियर 1, और टियर -2. टियर-1 में न्यूनतम निवेश 500 रुपये तक है जबकि टियर-2 में 1000 रुपये तक है। हालांकि इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। NPS में निवेश के तीन विकल्प दिए जाते हैं, जिसमें निवेशक को यह चुनना होता है कि उसका पैसा कहां निवेश करना है। इक्विटी, कॉर्पोरेट डेट और सरकारी बॉन्ड्स। इक्विटी में अधिक एक्सपोजर होने पर इसमें रिटर्न भी अधिक मिलता है। ध्यान रहे कि कोई भी निवेश आप अपने निवेश सलाहकार से बातचीत करके ही करना है।

यह भी पढ़ें: House Building Advance- कर्मचारियों की बल्ले बल्ले! सरकार ने किया बड़ा ऐलान, जानिए क्या लिया फैसला और कितना होगा फायदा?