Pension Scheme Retirement: अपना मकान है तो बुढ़ापे में ना करें पैसों की चिंता, जानें क्या है स्कीम?

Pension Scheme Retirement: पैसा इंसान की बड़ी जरूरत होता है। इसके बगैर इंसान एक कदम कहीं नहीं जा सकता है। व्यक्ति यंग एज में पैसा कमाता है जिससे वो बुढ़ापे में अपनी और परिवार की जरूरतों को पूरा कर सके। नौकरी पेशा वाले लोगों को रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत प्लान चाहिए होता है जिससे 60 साल की उम्र के बाद वे आराम से जिंदगी जी सकें. ऐसे में एक Pension Scheme Retirement है जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। सरकारी नौकरी वालों का तो ठीक है लेकिन ज्यादातर लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं जिसमें रिटायरमेंट के बाद पेंशन का प्रावधान नहीं होता है। ऐसे में आपको सरकार की अलग-अलग तरह की पेंशन स्कीम का लाभ उठाना चाहिए।

रिटायरमेंट के लिए ले सकते हैं रिसर्व मॉर्गेज लोन स्कीम

आज के समय में बहुत सी सरकारी नौकरियों में भी पेंशन की सुविधा खत्म की जा रही है। ऐसे में आपको बैंक की रिसर्ज मॉर्गेज लोन स्कीम का लाभ लेना चाहिए जिससे आप घर बैठे आसानी से हर महीने पेंशन पा सकते हैं। इस स्कीम के तहत आपको बैंक के पास अपना मकान गिरवी रखना होता है लेकिन बैंक उस पर तुरंत कब्जा नहीं करता है। इस स्कीम के जरिए बुजुर्ग दंपत्ति को गुजारे के लिए हर महीने एक तय रकम दी जाती है जो बैंक की बेस्ट Pension Scheme Retirement कही जाती है। रिसर्व मार्गेज लोन स्कीम होम लोन से बिल्कुल विपरित होती है। होम लोन में हर महीने बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट को किस्त जाती है जिसे आम भाषा में लोग EMI कहते हैं। जबकि रिवर्स मार्गेज लोन स्कीम के तहत फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन या बैंक मकान को मार्गेज यानी गिरवी रखकर हर महीने एक निश्चित रकम बनाती है।

ये लोन उन वरिष्ठ नागरिकों को बैंक देती है जिनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा होती है। ये लोन लगभग 15 सालों के लिए मिलता है जिसमें हर महीने आपको कितनी राशि मिलेगी वो इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने जो घर गिरवी रखा है उसकी कीमत कितनी है। जैस मकान की कीमत 50 लाख रुपये है तो बैंक 15 सालों तक हर महीने आपको 10 हजार रुपये देगी। इस बीच 15 लाख रुपये तक की एकमुश्त राशि जरूरत पड़ने पर मेडिकल के लिए भी बैंक देगी। इस लोन को लेने के लिए किसी भी तरह की न्यूनतम आमदनी की कोई जरूरत नहीं पड़ती है।

जब बुजुर्ग दंपत्ति का देहांत हो जाता है तो बैंक उनके बच्चों को इस कर्ज की ब्याज सहित अदायगी ऑप्शन के तौर पर देता है। इस राशि को जमा करके उनके बच्चे घर छुड़ा सकते हैं लेकिन अगर ये लोग इसके लिए तैयार नहीं होते हैं तो बैंक उस मकान की निलामी कर सकता है। हर 5 साल के बाद उस मकान की कीमत का फिर से आकलन होता है और अगर मकान की कीमत बढ़ती है तो बुजुर्ग को मिलने वाली रकम भी बढ़ाई जाती है।

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