TULSI CULTIVATION: नाममात्र लागत पर कमाएं लाखों रूपये, आज ही शुरू करें ये बिजनेस

TULSI CULTIVATION
source: pixabay

TULSI CULTIVATION: आजकल के दौर में हर कोई अपनी नौकरी से परेशान है।आजकल का युवा वर्ग ज्यादातर खुद का बिजनेस करना ही सही समझता है लेकिन सही बिजनेस आइडिया ने होने के कारण पीछे हट जाते हैं। इसके अलावा ज्यादातर लोगों का मानना है कि बिजनेस करने के लिए बहुत पैसा चाहिए लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ऐसे बहुत से बिजनेस है जिन्हें आप घर से शुरू कर सकते हैं और घर बैठे लाखों रूपये कमा सकते हैं।आज के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही एक बिजनेस के बारे में बताएंगे जिसे कम इन्वेस्टमेंट में शुरू किया जा सकता है और घर बैठे अच्छी खासी रकम कमा सकते हैं। ये बिजनेस है तुलसी की खेती(TULSI CULTIVATION) करने का बिजनेस।आप कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए भी इस खेती की शुरुआत कर सकते हैं। आपको TULSI की खेती के लिए महज 15,000 रुपये खर्च करने की जरूरत है। बुआई के 3 महीने बाद ही तुलसी की फसल औसतन 3 लाख रुपये में बिक जाती है। दवा मार्केट में मौजूद कई आयुर्वेदिक कंपनियां जैसे डाबर, वैद्यनाथ, पतंजलि आदि तुलसी की कॉन्ट्रैक्ट पर भी खेती करा रही हैं।

कैसे करें तुलसी की खेती?

एक एकड़ खेत में तुलसी की खेती करने के लिए अलग से 600 ग्राम बीज डालकर पौध तैयार की जाती है। तुलसी की पौध तैयार करने का सही समय अप्रैल माह का पहला सप्ताह है। करीब 15-20 दिन में पौध तैयार हो जाती है। मानसूनी तुलसी की पौध जून-जुलाई में तैयार की जाती है। पौध तैयार होने के बाद नर्सरी से निकालकर लाइनों में रोप दी जाती है।

तुलसी की फसल तैयार

तुलसी की फसल पौध रोपने के बाद 65-70 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसके बाद तुलसी के पौधे को काटकर सुखा लिया जाता है। जब तुलसी की पत्तियां सूख जाती हैं तो इन्हें इकठ्ठा कर लिया जाता है। उपज के रूप में एक एकड़ खेत में पांच-छह क्विंटल सूखी पत्ती प्राप्त होती है। डाबर, पतंजलि, वैद्यनाथ व हमदर्द जैसी औषधि कंपनियां तुलसी की पत्तियां 7000 रुपये क्विंटल के हिसाब से खरीद लेती हैं। एक एकड़ तुलसी की फसल पैदा करने में 5000 रुपये का खर्च आता है। एक एकड़ तुलसी की फसल से 36,000 रुपये की बचत एक फसल में हो जाती है। जबकि साल में तुलसी की तीन फसल पैदा की जा सकती है।

केंद्र सरकार देती है बढ़ावा

केंद्र सरकार इस समय देशभर में औषधीय पौधों (Medicinal Plants) की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अगले साल तक 75 लाख घरों पर औषधीय पौधों को पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, तुलसी भी उन्हीं पौधों में से एक है।

ये भी पढ़ें: Jamun Cultivation: जामुन लगाने के लिए क्या है सही मौसम, जानिए कैसे कर सकते हैं लाखों की कमाई?