CBSE Board news update: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया आदेश, अब बेस्ट मार्क्स खुद चुन सकेंगे विद्यार्थी

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CBSE Board news update: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएससी बोर्ड) द्वारा अपने विद्यार्थियों को एक बेहद खास मौका दिया जा रहा है. 7 जनवरी 2022 को सर्वोच्च अदालत ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की एक मार्क्स पॉलिसी को खारिज कर दिया है. जिसके चलते अब सीबीएससी बोर्ड के छात्र फाइनल में बेस्ट मार्क्स चुन सकते हैं.

आपको बता दें, सर्वोच्च अदालत द्वारा सीबीएससी बोर्ड की जिस मार्क्स पॉलिसी को रद्द किया गया है उसके अनुसार यदि कोई विद्यार्थी इंप्रूवमेंट की परीक्षा भरता था उसके सुधार परीक्षा यानि कि इंप्रूवमेंट परीक्षा के अंको को ही अंतिम अंक माना लिया जाता था. लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा छात्रों को यह विशेष अवसर दिया गया है कि, विद्यार्थी स्वयं अपनी मुख्य परीक्षा तथा सुधार परीक्षा दोनों में से किसी भी एक के अंकों का चयन कर सकते हैं. अब बोर्ड अपने नियम के मुताबिक इंप्रूवमेंट के अंको को विद्यार्थी के फाइनल अंक नहीं बता सकते हैं.

इस मामले की सुनवाई जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने पूरी की. बेंच ने द्वारा कहा गया कि, ‘सीबीएससी बोर्ड ने सुधार परीक्षा के अंको को ही अंतिम अंक मानने के पीछे कोई तर्क नहीं दिया.’

जस्टिस एएम खानविलकर द्वारा बोर्ड से सवाल किया गया कि, ‘आखिर इस नीति को खारिज क्यों नहीं किया जा सकता? विद्यार्थी को अपने सही अंक चुनने का अवसर जरूर मिलना चाहिए. इंप्रूवमेंट परीक्षा में अंक कम मिलने पर विद्यार्थी को आगे एडमिशन लेने में भी दिक्कत होगी।’

फिलहाल इस मामले पर सीबीएससी द्वारा कोई वैध तर्क नहीं दिया गया, जिस कारण अंतिम निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने इस मार्क्स पॉलिसी को रद्द कर दिया है. साथ ही विद्यार्थियों को ही यह मौका दिया है कि वह अपने फाइनल मार्क्स में मुख्य परीक्षा के अंक रखना चाहते हैं या फिर इम्प्रूवमेंट के अंक रखना चाहते हैं.