एआईसीटीई ने AICTE-IDEA Lab योजना 2020-21 के परिणाम की घोषणा की

एआईसीटीई ने AICTE-IDEA Labs स्थापित करने के लिए भारत भर से 49 कॉलेजों का चयन किया.

प्रेस विज्ञप्ति : 14 जून 2021

नई दिल्ली: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने 14 जून को एआईसीटीई- आई डी ई ए (आइडिया डेवलपमेंट, इवैल्यूएशन एंड एप्लीकेशन) लैब / AICTE-IDEA (Idea Development, Evaluation & Application) Lab की स्थापना के लिए चुने गए संस्थानों के नामों की घोषणा कर दी. यह घोषणा वसंत कुंज, नई दिल्ली में स्थित अपने मुख्यालय से एक ऑनलाइन कार्यक्रम में किया गया.

योजना के अधीन प्रस्ताव जनवरी 2021 में आमंत्रित किए गए थे और IDEA Lab योजना के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी)/ National Steering Committee (NSC) द्वारा प्रस्तावों का मूल्यांकन किया गया. योजना के तहत, एआईसीटीई और उद्योग/संस्थान द्वारा सह-वित्त पोषित IDEA Lab स्थापित करने के लिए चुने गए 49 संस्थान जोकि गैर-मेट्रो/-मेगा शहरों में स्थित हैं. इनसे न केवल संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को बल्कि आसपास के संस्थान के लोगों को भी अत्यधिक लाभ होने की उम्मीद है.

बता दें एआईसीटीई द्वारा 1 जनवरी, 2021 को AICTE-IDEA Lab योजना अपने संस्थानों में नए युग की शिक्षा को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम)/ STEM के मूल सिद्धांतों के अनुप्रयोग के लिए प्रोत्साहित करना है- बेहतर व्यावहारिक अनुभव, करके सीखने और यहां तक कि उत्पाद परिकल्पना की दिशा में.

क्या काम करेगी IDEA Lab?

संस्था में अंतर्निहित IDEA Lab, इंजीनियरिंग स्नातकों को अधिक कल्पनाशील और रचनात्मक बनाने के अलावा, 21वीं सदी के कौशल जैसे- महत्वपूर्ण सोच, समस्या-समाधान, अनुसंधान, सहयोग, संचार, आजीवन-सीखने आदि में बुनियादी प्रशिक्षण देगी. IDEA Lab फैकल्टी के लिए बहु-विषयक शिक्षा और अनुसंधान में तल्लीन करने के लिए एक सशक्त बुनियादी ढाँचे के रूप में भी काम करेगी, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर जोर दिया गया है.

यह परिकल्पना की गई है कि फैकल्टी इन प्रयोगशालाओं का उपयोग करने के लिए सक्रिय रूप से आगे आएंगे और समस्याओं/ परियोजनाओं/ इंटर्नशिप की पहचान करने के लिए प्रयास करेंगे तथा स्वयं के विषय में छात्रों को सलाह भी देंगे.

क्या है IDEA Lab?

IDEA Lab एक विचार (Idea) को प्रोटोटाइप में बदलने के लिए एक छत के नीचे सभी सुविधाएं प्रदान करती है. इनमे इंजीनियरिंग छात्रों को उपकरण, औजार और उपभोग्य सामग्रियों का उपयोग करके अपने हाथों से काम करने पर जोर दिया जाएगा. परिसर में चौबीसों घंटे उपलब्ध इन सुविधाओं के साथ, अधिक से अधिक छात्रों और शिक्षकों को रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और इस प्रक्रिया में, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान, सहयोग आदि पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिस पर पारंपरिक प्रयोगशालाएं ध्यान नहीं दे पा रही हैं.

छात्रों को प्रशिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी Lab

छात्रों को प्रशिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि अपने भविष्य में कार्यस्थल पर वे कल्पनाशील और रचनात्मक बने रहें. अंतिम उद्देश्य सभी संस्थानों में इस तरह की लैब स्थापित करके इंजीनियरिंग शिक्षा में बदलाव लाना है और इसके लिए सभी छात्रों को IDEA Lab से सक्रिय रूप से जोड़ना होगा. इच्छुक छात्रों के लिए प्रशिक्षण-सत्र आयोजित करने के साथ-साथ परियोजनाओं का समर्थन करना और ऑनलाइन शिक्षण सामग्री प्रदान करनी होगी.

NSC अध्यक्ष ने की सराहना

NSC के अध्यक्ष प्रो. प्रभात रंजन ने एआईसीटीई की अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसे कुछ सौ संस्थानों तक ही सीमित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पहल एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उभरनी चाहिए क्योंकि इसमें तकनीकी शिक्षा को बदलने की प्रबल क्षमता है, क्योंकि यह हाथों से काम करने पर बहुत जोर देती है.

उन्होंने सिफारिश की कि एआईसीटीई को अपने दायरे से बाहर के संस्थानों- जो स्वयं IDEA Lab को पोषित करने के इच्छुक हैं- पर IDEA Lab Network का हिस्सा बनने के लिए विचार करना चाहिए.

AICTE सदस्य-सचिव ने भी कही बड़ी बात

योजना की अवधारणा और संचालन में NSC और संस्थागत विकास प्रकोष्ठ (आईडीसी/ IDC) की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए, एआईसीटीई के सदस्य-सचिव प्रो राजीव कुमार ने कहा, “आइडिया लैब विश्वास पर काम करे, कोई ताला न हो और ये 24×7 (घंटे) खुली रहें. छोटे शहरों में IDEA Lab देश के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करेगी. “

अपने आसपास के स्कूलों से IDEA Lab को जुड़ना चाहिए: प्रो. एम.पी. पूनिया, उपाध्यक्ष,(AICTE)

एआईसीटीई (AICTE) द्वारा गुणवत्ता में सुधार के लिए की गई पहलों की श्रृंखला का वर्णन करते हुए, जिसके कारण उद्योग में इंजीनियरिंग स्नातकों की स्वीकार्यता बढ़ी है और ये पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ कैसे संरेखित होती हैं, प्रो. एम.पी. पूनिया, उपाध्यक्ष, एआईसीटीई ने टिप्पणी की कि IDEA Labs को अपने आसपास के स्कूलों से जुड़ना चाहिए, जिससे वहां के छात्रों को अपने विचार/ परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिल सके. स्कूलों को उच्च शिक्षा संस्थानों से जोड़ने से शिक्षा में परिवर्तनकारी बदलाव आ सकते हैं.

AICTE अध्यक्ष ने भी NSC और IDC के जूनून की सराहना की

एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सहस्रबुद्धे ने NSC और IDC के उस जुनून की सराहना की जिसके साथ वे IDEA Lab जैसे विचार पर काम कर रहे हैं जिसे वह स्वयं वर्षो से साकार होते हुए देखना चाहते थे.

चिकित्सा शिक्षा से तुलना करते हुए, जहां छात्र मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में समय बिताते हैं, उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग शिक्षा में अनुभवात्मक प्रशिक्षण की कमी रही है. कुछ हद तक, उद्योग में इंटर्नशिप इस अंतर को भरती है, लेकिन संस्थान में एक परिसर के भीतर 24×7 (घंटे) उपलब्ध IDEA Lab, अनुभवात्मक शिक्षा सुनिश्चित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी.

चयनित 49संस्थानों की सूची संलग्न है.