आंध्र प्रदेश सरकार ने लिया बड़ा फैसला, सभी स्नातक डिग्री कॉलेज में अंग्रेजी अम्ध्यम किया अनिवार्य

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Andhra Govt. Big Decision: आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के कॉलेजों की शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. सूबे के डिग्री कॉलेजों में अब शैक्षणिक सत्र 2021-22 के शुरू होते ही अंग्रेजी भाषा को सीखना अनिवार्य कर दिया है. सरकार अंग्रेजी भाषा को पढ़ने का माध्यम बनाने का फैसला किया है. राज्य शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने यह बड़ी जानकारी दी है.

शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने कहा कि “आंध्र प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग को लगता है कि स्नातक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू करने से स्नातकों के करिअर की संभावनाएं बढ़ेंगी.”

2019 में भी हुआ था बड़ा ऐलान

इससे पहले सूबे की सरकार ने सितंबर 2019 में ऐलान किया था कि वे राज्य की सभी सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने पर जोर देगी, और धीरे-धीरे सभी तेलुगु – माध्यम के स्कूलों को अंग्रेजी – माध्यम में परिवर्तित कर देगी. वही इसके बाद भी मातृभाषा तेलुगु एक अनिवार्य विषय के रूप में ही पढ़ाया जाएगा.

बता दें कि राज्य के शिक्षकों एवं छात्रों को अंग्रेजी भाषा में दक्षता विकसित करने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए आंध्र सरकार ने जनवरी महीने में ही कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के साथ हाथ मिलाया था.

अभी राज्य भर के डिग्री कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले तकरीबन 2.5 लाख इच्छुक छात्रों में से 65,981 तेलुगु-माध्यम के संस्थानों में पढ़ रहे हैं.

शिक्षा मंत्री ए सुरेश के मुताबिक अंग्रेजी को शिक्षा का नया माध्यम बनाने के फैसले से राज्य के छात्रों को काफी फायदा मिलेगा.

एकत्र किए गए डाटा के अनुसार यह ज्ञात हुआ है कि अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ होने से बीए के छात्रों को पत्रकारिता और अनुसंधान के अलावा बिक्री और विपणन जैसे क्षेत्रों में नौकरी प्राप्त होती है. यानी कि अंग्रेजी में निपुण होने से छात्रों की रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी.

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