RIP Dilip Kumar: पुणे की सड़कों में यूसुफ खान बेचते थे सैंडविच, ऐसे मिला फिल्मों में पहला ब्रेक

Dilip Kumar
Image Credit: Dilip Kumar/ Twitter

बॉलीवुड के दिग्गज़ अभिनेता दिलीप कुमार का बुधवार को 98 साल की उम्र में दुनियां को अलविदा कह गए। उनकी करियर की शुरुवात फिल्म “ज्वार भाटा” (1944) से हुआ था। 1947 में वह फिल्म जुगनू में भी नज़र आए थे। इस फिल्म के हिट होने के बाद वह काफी सुर्खियों में आने लगें थे।


इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘शहीद, अंदाज, दाग, दीदार, मधुमति, देवदास, मुसाफिर, नया दौर, आन, आजाद,’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। वह अपने अभिनय से लाखों करोड़ों के दिलों की धड़कन बन गए थे। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से कई मुद्दों को ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के पर्दे पर प्रस्तुत किया है।


दिलीप कुमार प्रतिष्ठित फिल्म निर्माण संस्था बॉम्बे टॉकीज की देन है और जहां देविका रानी ने उन्हें काम और नाम दिया। उन्हें 1250 रुपए मिले थे। उस वक्त उनकी उम्र कम से कम 22 साल थी।

दिलीप कुमार और राज कपूर थे बचपन के दोस्त

दिलीप कुमार ने अपनी स्कूलिंग नासिक के देवलाली में बान्स स्कूल से की थी। जहां राज कपूर भी पढ़ते थे। वह दोनों बचपन से ही अच्छे दोस्त थे।

पुणे की सड़कों पर बेचते थे सैंडविच

दिलीप कुमार को लेकर एक बहुत ही दिलचस्प घटना है। ऐसा कहा जाता है की किसी वर्ष दिलीप जी और उनके पिता जी के साथ बेहस हो गई थी। जिसके बाद वह घर से भाग गए थे। उस वक्त उनकी उम्र 18 साल थी।

उसके बाद वह पुणे आ गए और किसी पारसी कैफे के मालिक की मदद ली और फिर एक सैंडविच का स्टॉल लगाया। सैंडविच बेचते बेचते उन्होंने उस वक्त 5 हजार से अधिक जमा कर लिया था। उस वक्त 5 हजार रुपए की कीमत बहुत थी।

दिलीप कुमार ट्रेजेडी किंग के नाम से थे मशहूर

दिलीप कुमार ट्रेजेडी किंग के नाम से जाने जाते थे। दरअसल 1950 के दशक में उन्होंने इसी तरह की फिल्मों में काम किया था। जो ज्यादातर डिप्रेशन और धुक से प्रभावित होती थी। जिसके कारण उनका नाम ट्रेजेडी किंग पड़ा।

यह भी पढ़ें: अभिनेता दिलीप कुमार को सांस लेने में आई तकलीफ, ICU में किए गए भर्ती