कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन्स, पढ़ें

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केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है. इसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमित बच्चों को एंटी वायरल रेमडेसिविर नहीं दी जानी चाहिए. बच्चों को स्टेरॉयड देने से भी बचा जाए. बच्चों की शारीरिक क्षमता का आकलन करने के लिए 6 मिनट का वॉक टेस्ट (चहलकदमी) लेने की भी सलाह इसमें दी गई है.

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होगा, इसलिए सरकार पहले से ही सभी सुरक्षा इंतजाम करने में लगी है. 

बच्चों को कोविड होने पर किन बातों का रखें ध्यान, देखें केंद्र सरकार की गाइडलाइंस

  • 12 साल से ऊपर के बच्चों को 6 मिनट का वॉक टेस्ट (चलने वाला टेस्ट) करवाया जाए. टेस्ट माता-पिता या गार्जियन की देखरेख में हो.
  • बिना लक्षण वाले या मध्यम लक्षण वाले कोरोना में स्ट्रायड्स का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह.
  • स्ट्रायड्स का इस्तेमाल सही समय पर किया जाए, तय वक्त, तय सीमा का ध्यान रखा जाए. खुद से स्ट्रायड्स ना लिया जाए.
  • HRCT स्कैनिंग का कम इस्तेमाल किया जाए.
  • रेमेडिसविर (जिसे आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी) उसको बच्चों को नहीं देने के की सलाह है
  • मध्यम लक्षण वाले कोरोना संक्रमण में पैरासिटामोल (10-15mg) देने की सलाह है. लेकिन ये भी 4 से 6 घंटे के अंतराल पर देनी है.
  • अगर खांसी हो तो बड़े बच्चों को सैलाइन वाटर से गरारे करवाए जा सकते हैं.
  • बिना लक्षण वाले या मध्यम लक्षण वाले कोरोना संक्रमण में रोगाणुरोधी (एंटीबायोटिक) ना देने की सलाह है. जबतक कि इंफेक्शन ज्यादा ना बढ़ा हो.
  • मध्यम कोरोना संक्रमण में जल्द ही ऑक्सीजन थेरेपी की सलाह है.
  • मध्यम कोरोना होने पर Corticosteroids नहीं देना है. इनका इस्तेमाल संक्रमण बढ़ने पर ही करना है.

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