‘मन की बात’ कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, कोरोना की दूसरी लहर में भी भारत होगा विजयी

Maan ki baat Program
Image Credit: Narendra Modi/ Twitter

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज यानि रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश की जनता को संबोधित किया. मोदी ने अपने 77वें संबोधन में सरकार के सात साल का कार्यकाल पूरा होने पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि हमने कोरोना की पहली लहर में हमने पूरे हौंसले से लड़ाई लड़ी थी, इस बार भी दूसरी लहर की चल रही लड़ाई में भारत विजयी होगा. उन्होंने जनता से कहा कि दो गज दूरी हो, मास्क से जुड़े नियम हों या फिर वैक्सीन, हमें अभी ढिलाई बिल्कुल भी नहीं करनी है. यही हमारी जीत का रास्ता है.

इस दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि कोरोना के शुरुआती दौर में भारत में मात्र एक टेस्टिंग लैब थी लेकिन आज ढाई हजार से ज्यादा टेस्टिंग लैब हमारे पास हैं जो कि काम कर रही हैं. इसके बाद उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ 100 कोरोना टेस्ट होते थे वहीं अब 20 लाख कोरोना टेस्ट एक साथ होते हैं. आपको बता दें कि भारत में अब तक 33 करोड़ से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है.

सात सालों की उपलब्धि देश और देशवासियों की रही

पीएम मोदी ने कहा कि आज हम ‘मन की बात’ कर रहे हैं और संयोग से ये सरकार के सात साल पूरे होने का भी समय है. उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर चला है. इन सात वर्षों में जो कुछ भी उपलब्धि रही है, वो देश की रही है और देशवासियों की ही रही है.

सरकार के चार पूरे होने पर पीएम मोदी ने कहा कि इन सात सालों में हमने एक साथ मिलकर ही कई कठिन परीक्षाएं दी हैं जिसमें हम हर बार मजबूत होकर बाहर निकले हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के रूप में, इतनी बड़ी परीक्षा लगातार चल रही है. उन्होंने कहा कि इस महामारी के बीच भारत सेवा और सहयोग के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ता जा रहा है.

डिजिटल लेनदेन में दुनिया को दिखाई नई दिशा: पीएम

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में आयुष्मान योजना से जब कोई गरीब मुफ्त इलाज से स्वस्थ होकर घर आता है तो उसे लगता है कि उसे नया जीवन मिला है. उन्होंने कहा कि इन सात सालों में भारत ने डिजिटल लेनदेन में दुनिया को नई दिशा दिखाने का काम किया है. देश के अनेक पुराने विवाद भी पूरी शांति और सौहार्द से सुलझाए हैं.

रेडिया कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी इलाके से कुछ साथियों ने मुझे एक संदेश भेजा था कि सड़क बनने के बाद पहली बार उन्हें ऐसा लगा कि वो भी बाकी दुनिया से जुड़ गए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे ही कहीं कोई बैंक खाता खुलने की खुशी मुझसे साझा करता है. आप सबकी ऐसी करोड़ों खुशियों में मैं इन सात सालों में शामिल हुआ हूं.

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