गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्सीनेशन में मिले प्राथमिकता: रिपोर्ट

कोरोनावायरस के इस खौफनाक दौर में गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा काफी बढ़ गया है क्योंकि यहां ऐसी महिलाओं के साथ-साथ उनके गर्भ में पल रहे बच्चों पर भी खतरा मंडरा रहा है. कोरोनावायरस से बचने के लिए वैक्सीनेशन एकमात्र असरदार उपाय है.

हालांकि, गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन देने को लेकर काफी संदेह की स्थिति है जबकि WHO और भारत सरकार दोनों ही कोरोनावायरस वैक्सीन को गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित बता चुके हैं.

गर्भवती महिलाओं को मिले प्राथमिकता

वहीं इस बीच कोविड-19 के कारण गर्भवती महिलाओं की मौत के बढ़ते मामलों के बीच एक रिपोर्ट में ऐसी महिलाओं का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर किए जाने का सुझाव दिया गया है. दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के समूह द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया कि गर्भवती महिलाओं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों की कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मौत के मामलों पर लगाम लगाने के लिए गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली श्रेणी में रखे जाने की जरूरत है.

डॉक्टर यामिनी सरवाल के नेतृत्व में तैयार रिपोर्ट में कहा गया, हम सभी देशों में खासकर भारत और इंडोनेशिया में प्रसव-पूर्व देखभाल के दौरान कोविड-19 टीके को नियमित प्रोटोकॉल में शामिल करने की सिफारिश करते हैं.

नवजात का भी होगा संक्रमण से बचाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में या तो गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 टीकाकरण में शामिल नहीं किया जाता या फिर नीतियां अस्पष्ट होने के चलते निर्णय अक्सर महिलाओं पर छोड़ दिया जाता है. गर्भवती महिला के टीकाकरण से नवजात को भी संक्रमण की चपेट में आने से बचाव होगा.

रिपोर्ट में वैक्सीनेशन पर ज़ोर देकर कहा गया कि अन्य महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं के कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने से उनके लिए जोखिम अधिक रहेगा इसलिए गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा देना बेहद आवश्यक है.

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