कब तक दिल्ली की सीमाओं से हट सकते हैं किसान?

Farmers protest
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शुक्रवार यानी 19 नवंबर को प्रकाश पर्व के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी की कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर दी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 18 मिनट के अपने भाषण में कहा कि उनकी सरकार किसानों के हित के लिए कृषि क़ानून लेकर आई थी, लेकिन वो कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रही इसलिए तीनों कानून वापस ले रही है।

नरेंद्र मोदी के इस फैसले के बाद सबकी नजर राकेश टिकैत पर थी। मोदी के बाद भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने ट्वीट कर लिखा कि ‘आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। फिर आगे टिकैत कहते हैं कि सरकार MSP के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें।

अब राकेश टिकट ने किसानों के आंदोलन खत्म होने पर कुछ और कहा है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अगर सरकार गणतंत्र दिवस से पहले उनकी सारी मांगे मान ले तो वे दिल्ली की सीमाएं छोड़कर वापिस अपने घरों को लौट जाएंगे। ये तभी होगा जब सरकार एमएसपी और आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों के मुद्दे का हल भी करे।

टिकट कहते हैं कि ,“मोदी सरकार ने घोषणा की है तो वो प्रस्ताव ला सकते हैं लेकिन MSP और 700 किसनों की मृत्यु भी तो किसान आंदोलन का ही मुद्दा है। आलाकमान को इस मुद्दे पर भी बात करनी चाहिए। गणतंत्र दिवस से पहले तक अगर सरकार मान जाएगी तो हम चले जाएंगे। चुनाव के विषय में हम चुनाव आचार संहिता लगने के बाद बताएंगे।”

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