क्या है PFI और कहां से होती है बड़े लेवल की फंडिंग? जानिए इसके पीछे का मकसद

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और ने आज पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के 11 राज्यों में कई सारे ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आंध्र प्रदेश-5, असम-9, दिल्ली-3, कर्नाटक-20, केरल-22, एमपी-4, महाराष्ट्र-20, पुडुचेरी-3, राजस्थान-2, तमिलनाडु-10 और यूपी-8 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

वहीं सवाल आता है कि आखिर पीएफआई क्या है और इसमें फंडिंग कहां से की जाती है. साथ ही इस संगठन को चलाने का असली मकसद क्या है. क्या इससे पहले भी इस संगठन पर कई बार आरोप लगे चुके हैं. यह सभी सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं तो आइए बताते हैं कि क्या है पूरी सच…

क्या है पीएफआई?

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया मुस्लिमों का एक संगठन है, जिसे साल 2006 में भारत के दक्षिणी राज्य केरल में स्थापित किया गया था. फिर इसमें कई अन्य मुस्लिमों संगठनों क विलय हुआ. आज के समय में इस संगठन की देश के 23 राज्यों में शाखाएं हैं.

कहां से आती है फंडिंग?

एनआईए सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएफआई के अलग-अलग खातों में हर साल 500 करोड़ रुपए आते हैं, जो कि सऊदी अरब, कतर, कुवैत, यूएई और बहरीन से भेजे जाते हैं. इस रुपयों को फैमिली मेंटेनेंस के नाम पर वेस्टर्न यूनियन के जरिए भेजा जाता है. इसके अलावा पैसे मंगाने के लिए इसमें पीएफआई के एक लाख सदस्य और उनके रिश्तेदार व परिचितों के 2 लाख बैंक खातों का प्रयोग होता है.

संगठन का ये है मकसद

आपको बताते चलें कि पीएफआई सगंठन अपने आप को देश में नए सामाजिक आंदोलन के अगुवा के रूप में दर्शाता है, जो कि लोगों को न्याय, स्वतंत्रता और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. लेकिन इस संगठन पर पहले भी आतंकी फंडिंग से लेकर देश को मुस्लिम राष्ट्र बनाने सहित कई तरह के गंभीर आरोप भी लग चुके हैं, जिसको लेकर अक्सर कार्रवाई की खबरें सामने आती रहती हैं.

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