भारत में पति जब पत्नी से बलात्कार करे तो इसे अपराध क्यों नहीं माना जाता?

Crime in Afghanistan
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पितृसत्तात्मक माने जाने वाले भारतीय समाज में, जहां शादियों को पवित्र रिश्ता माना जाता लेकिन जब पति पत्नी के साथ बलात्कार करें तो इसे बलात्कार नहीं माना जाता है। सेक्स के विषय पर भी हर मसले हर मुद्दे पर अलग-अलग कानून और सजा की प्रावधान की गई है।

हाल में ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक फ़ैसले के दौरान कहा है कि नाबालिग के साथ ओरल सेक्स ज़्यादा संगीन यौन दुर्व्यवहार नहीं है और यह एक ‘कम गंभीर’ अपराध है।

भारतीय कानून में ‘अप्राकृतिक सेक्स’ के लिए केस चलाया जा सकता है लेकिन मैरिटल रेप कोई अपराध नहीं है, बशर्ते पत्नी की उम्र 15 साल से कम न हो।

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यह कानून भारत में आज का नहीं है। ये क़ानून भारत में साल 1860 से लागू है। सेक्शन 375 में एक जगह जिक्र है कि अगर पति अपनी पत्नी के साथ करे और पत्नी 15 साल से कम की न हो तो इस सेक्स को रेप नहीं माना जाता है।

इस कानून के तहत कुछ जानकार बताते हैं कि शादी में सेक्स की सहमति छुपी हुई होती है और पत्नी इस सहमति को बाद में वापस नहीं ले सकती है।

हालांकि इस विचार को चुनौती देते हुए 100 से भी ज़्यादा देशों में इस रेप को अपराध करार दिया गया हैं। और एक सरकारी सर्वे की मानें तो, 31 फ़ीसदी विवाहित महिलाओं पर उनके पति शारिरिक, यौन और मानसिक उत्पीड़न करते हैं।

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