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Tuesday, December 6, 2022
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World Heart Day 2022: क्यों मनाते विश्व हृदय दिवस, क्या होते हैं ह्रदय रोग होने के मुख्य कारण, जानें बचाव के उपाय

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World Heart Day 2022: आज कल के तनाव भरी जिंदगी में हार्ट पेशेंट उम्र दराज लोग ही नहीं बल्कि कम उम्र के  बच्चे भी होते नजर आ रहे हैं। हृदय के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 29 सितंबर को पूरी दुनिया में विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा।विश्व हृदय दिवस 2022 की थीम ‘यूज हार्ट फॉर एवरी हार्ट (Use Heart for Every Heart)’ रखा गया है. वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन ने दुनियाभर में कार्डियोवस्कुलर डिजीज के लिए जागरुकता बढ़ाने के वास्ते इस दिन की शुरुआत की थी।

विश्व हृदय दिवस मनाने की शुरूआत सन् 2000 में की गई थी

विश्व हृदय दिवस ‘द वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन’ द्वारा वर्ष 2000 में आरंभ किया गया था. उस समय पूरे विश्व में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु की संख्या 17.3 मिलियन प्रतिवर्ष थी. संस्था के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2030 तक यह आकड़ा 23 मिलियन प्रतिवर्ष पहुंच जाएगा, जो कि ऑस्ट्रेलिया की कुल जनसंख्या से भी अधिक है. ‘द वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन’ का मुख्यालय स्वीट्जरलैंड के जेनेवा में स्थित है।

ह्रदय रोग के मुख्य कारक

1.बढ़ती उम्र के साथ धमनियों के संकुचित होने का खतरा बढ़ जाता है और हृदय की मासपेशियां कमजोर होती हैं

2.परिवार का इतिहास – हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास कोरोनरी धमनी की बीमारी का खतरा बढ़ाता है, खासकर यदि माता-पिता को एक कम उम्र में हुआ हो।

3.धूम्रपान – निकोटीन आपकी रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है और कार्बन मोनोऑक्साइड उनकी आंतरिक परत को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

4.असंतुलित आहार:  फैट, नमक, चीनी और कोलेस्ट्रॉल ज़्यादा होने से हृदय रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

5.हाई ब्लड प्रेशर – अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर से आपकी धमनियां सख्त और मोटी हो सकती हैं, जिससे वाहिकाएं संकुचित होती हैं।

6.शुगर – शुगर से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

7.मोटापा – ज़्यादा वजन से आमतौर पर अन्य जोखिम कारकों की स्थिति बिगड़ जाती है।

8.तनाव -ज्यादा तनाव लेने से  हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

हृदय की समस्याओं से बचने के उपाय

तनाव मुक्त रहें

आजकल की जीवनशैली का एक हिस्सा तनाव बन गया है। दफ्तर हो या परिवार, इंसान किसी न किसी वजह से तनाव में घिरा रहता है। लेकिन, तनाव आपके हृदय के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं। इसलिए तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। इससे आपको हृदय रोग को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि तनाव हृदय की बीमारियों की मुख्य वजह है।

कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रखें

अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को 130 एमजी/ डीएल तक बनाए रखें। कोलेस्ट्रॉल के मुख्य स्रोत जीव उत्पाद हैं, इनसे जितना अधिक हो, बचने की कोशिश करनी चाहिए। अगर आपके यकृत यानी लीवर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल का निर्माण हो रहा हो तब आपको कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है।

ब्लड प्रेशर को अनदेखा न करें

 अपने ब्लड प्रेशर को 120/80 एमएमएचजी के आसपास रखें। ब्लड प्रेशर विशेष रूप से 130/ 90 से ऊपर आपके ब्लॉकेज (अवरोध) को दुगनी रफ्तार से बढ़ाएगा। इसको कम करने के लिए खाने में नमक का कम इस्तेमाल करें और जरुरत पड़े तो हल्की दवाएं लेकर भी ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है।

 वजन सामान्य रखें

हृदय को स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है कि शरीर के वजन को सामान्य रखें। आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से नीचे रहना चाहिए। इसकी गणना आप अपने किलोग्राम वजन को मीटर में अपने कद के स्क्वेयर के साथ घटाकर कर सकते हैं। तेल के परहेज और निम्न रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों के सेवन द्वारा आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं।

रोज आधे घंटे तक जरूर टहलें

टहलने की रफ्तार इतनी होनी चाहिए कि जिससे सीने में दर्द न हो और आप हांफने भी न लगें। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। आप सुबह, शाम या फिर रात को खाने के बाद किसी भी वक्त टहल सकते हैं।

 व्यायाम करें

रोज 15 मिनट तक ध्यान और हल्के योग व्यायाम रोज करें। यह आपके तनाव तथा रक्त दबाव को कम करेगा। आपको सक्रिय रखेगा और आपके हृदय रोग को नियंत्रित करने में मददगार होगा। व्यायाम करने से न सिर्फ आपका हृदय बल्कि संपूर्ण शरीर चुस्त-दुरुस्त महसूस करने लगेगा।

रेशेदार भोजन करें

स्वस्थ हृदय के लिए रेशेदार भोजन का सेवन करें। भोजन में अधिक सलाद, सब्जियों तथा फलों का प्रयोग करें। ये आपके भोजन में रेशे और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं और एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इससे आपकी पाचन क्षमता भी अच्छी बनी रहती है।

ये भी पढ़ें-Health Tips:  आपकी इन गलतियों से होता है हार्ट अटैक आने का खतरा, डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

Shrikant Soni
Shrikant Sonihttp://hindi.thevocalnews.com
श्रीकांत सोनी, The Vocal News Hindi में बतौर Senior Sub-Editor कार्यरत हैं. उनकी रुचि बिज़नेस और लाइफस्टाइल में है और इन विषयों पर वह काफी समय से लिखते आ रहे हैं. उन्होंने अपनी जर्नलिज्म की पढ़ाई MSU से की है
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