Chanakya Niti: सफल होने के लिए अगर आप भी करते हैं ऐसा, तो खतरे में पड़ सकता है आपका जीवन

Chanakya Niti

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य, एक महान विद्वान थे. जिन्होंने अपने ज्ञान के जरिए चाणक्य नीति का निर्माण किया. यह चाणक्य नीति मनुष्य के हर एक जीवन के पहलू का वर्णन करती है. यह नीति व्यक्ति को एक कामयाब इंसान भी बनाती है. साथ ही उसको जीवन में आने वाली कठिनाइयों से भी बचाती है. इस संसार का हर एक व्यक्ति अपने जीवन में ऊंचे मुकाम तक पहुंचना चाहता है.

कोई अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करता है. तो कोई जीवन में यातनाएं सहन करने के बाद भी हार ना मानते हुए आगे बढ़ता है. लेकिन अक्सर कुछ लोग अपने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए गलत रास्ते का सहारा ले लिया करते हैं. झूठ की बुनियाद पर अपने जीवन का अस्तित्व बना लेते हैं. हालांकि ऐसा करने से भले ही आपको कम समय में ही पद, प्रतिष्ठा का लाभ मिल जाएगा,

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लेकिन यह आपके भविष्य के लिए लाभकर साबित हो, ऐसा कदापि संभव नहीं है.आचार्य चाणक्य कहते हैं, ‘झूठ का कोई भविष्य नहीं, ये भले वर्तमान में सुख दे लेकिन कल नुकसान पहुंचाएगा।’ चाणक्य ने अपनी नीति में सफलता हासिल करने से जुड़े नियमों में एक बात पूर्ण रूप से स्पष्ट की है कि आपको अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए झूठ का सहारा कभी भी नहीं लेना चाहिए.

सच और झूठ में कौन है बड़ा

जब आप झूठ से कोई कार्य करते हैं तो वह आपके जीवन में कुछ समय के लिए अनंत लाभ दे सकता है, लेकिन कुछ समय के बाद यह आपके जीवन के लिए एक अभिशाप बन सकता है. झूठ के बल पर मिलने वाली सफलता आपको जीवन में ज्यादा देर तक नहीं टिक सकती है.

कोई भी शॉर्टकट आपके लिए हो सकता है घातक

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए लोग शॉर्टकट का रास्ता बना लेते हैं. जिसमें आपको कई लोगों को पीछे छोड़ कर बेईमानी से आगे बढ़ना होता है. ऐसी स्थिति में आप कई लोगों के दिल से उतर जाते हैं. लोगों के बीच बनाया गया सम्मान खत्म होने लगता है. लोग आपको एक छल कपट वाले व्यक्ति के तौर पर देखना शुरु कर देते हैं.

झूठ का अंत होता है बुरा

जीवन में कई तरह के रिश्ते हम स्वयं बनाते हैं. लेकिन यह रिश्ते अगर झूठ से शुरु होते हैं, तो विशेषकर इनका अंत बहुत बुरा होता है. झूठ की बुनियाद पर खड़े किए गए रिश्ते अधिक समय तक नहीं चल पाते हैं. ऐसे रिश्ते में हर किसी का स्वाभिमान और रिश्ते की भावना आहत होती है.

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