lord shiv temples: देवों के देव महादेव के सबसे सुंदर मंदिरों की जानकारी और उनका इतिहास

भोलेनाथ
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हिंदू धर्म में पूजा पाठ का अधिक महत्व है. और इस धर्म के लोग कई देवी देवताओं को मानते है और उनकी पूजा अर्चना भी करते है. हिंदू धर्म में सर्वप्रथम पूजे जाने वाले भगवान श्री गणेश जी के पिता भगवान शिव के अनंत भक्त है. इन्हीं भक्तों के लिए महादेव के कई सुंदर और विशाल मंदिर विश्व भर में फैले हुए है. आज उन्ही मंदिरों में से कुछ मंदिरों के बारे में हम आपको बताएंगे.

महादेव के इन मंदिरों के बारे में वास्तुकला के नायाब उदाहरण हैं, तो कुछ ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण. सबसे सुंदर मंदिरों की इस सूची में हर मंदिर की अपनी कोई न कोई विशिष्टता हैं.

महादेव के मंदिरों की सूची

पुरु ब्रतन, कैलाशनाथ मंदिर, विरुपक्ष मंदिर, आदियोगी शिव मूर्ति, केदारनाथ मंदिर, सन्मार्ग इनईवर्ग मंदिर, ब्रह्देश्वर मंदिर, पशुपति नाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, नटराज मंदिर, लिंगराज मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, रामनाथ स्वामी मंदिर, भूमर मंदिर।

1.पुरु ब्रतन मंदिर, बाली इंडोनेशिया

पुरू ब्रतन इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर स्थित एक जल मंदिर है. बेहद ही मनोरम ब्रतन झील के किनारे इस शिव मंदिर को सन 1633 में स्थापित किया गया था. 11 मंजिल ऊंचा यह देवालय शिव और उनकी अर्धांगिनी देवी पार्वती को समर्पित हैं.

2.कैलाशनाथ मंदिर, एलोरा

एलोरा की गुफाओं में स्थित कैलाश मंदिर विश्व का सबसे बड़ा अखंड मंदिर है जो चट्टान को काटकर बनाया गया है. यह एक विशाल चट्टान को! इस भव्य शिव मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट राजवंश के शाशक कृष्णराज ने आठवीं शताब्दी में किया था.

3.विरुपक्ष मंदिर, हंपी

हंपी, कर्नाटक स्थित यह मंदिर शिव के एक रूप, विरूपक्ष को समर्पित है. विजयनगर साम्राज्य के दौरान निर्माण किया गया यह मंदिर 14वीं शताब्दी का है. इस मंदिर की एक विशेष बात यह है कि इसकी रचना गणित की संकल्पनाओं के आधार पर की गई थी. मंदिर का प्रमुख आकार त्रिकोण है.

4.आदियोगी शिव मूर्ति, कोयंबटूर

गिनीज़ बूक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स के अनुसार 34.3 मिटर ऊंची यह आदियोगी शिव मूर्ति दुनिया की सबसे विशाल अर्धप्रतिमा है. ईशा फ़ाउंडेशन के सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने स्वयं इस मूर्ति का डिजाइन तैयार किया था. शिवजी की इस प्रतिमा को आदियोगी का नाम इसलिए दिया गया है कि शिवजी को ही सर्वप्रथम योगी माना जाता है. 2017 में महाशिव रात्रि के शुभ दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा का उदघाटन किया था.

5.केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड

शिवजी का यह ज्योतिर्लिंग गढ़वाल हिमालय में 11,755 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है. केदारनाथ मंदिर का निर्माण कब और किसने करवाया, इस पर अभी तक कोई निश्चित जानकारी नहीं है. धार्मिक मान्यता अनुसार नरनारायण के अनुरोध पर महादेव यहाँ आकार एक अवधि के लिए रहे थे.

6.सन्मार्ग इनईवर्ग मंदिर, हवाई, अमेरिका

चोला पद्धति पर निर्मित यह सुंदर शिव मंदिर हवाई के कुयई द्वीप पर है. इसे इरईवन मंदिर के नाम से जाना जाता है। इरईवन तमिल भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ है ‘ईश्वर’.

यह मंदिर अभी भी निर्माणाधीन है, पर जब यह पूर्ण रूप से बन कर तैयार हो जाएगा, तो इसकी शोभा सबसे निराली होगी. मंदिर को वास्तु शास्त्र के नियमों को ध्यान में रख कर बनाया जा रहा है.

7.ब्रह्देश्वर मंदिर, तंजावुर

सबसे सुंदर मंदिरों की कोई भी सूची इस मंदिर के बगैर अधूरी ही है. 11वीं शताब्दी में राजा राजा चोला 1 द्वारा इस भव्य मंदिर का निर्माण किया गया था. यह विश्च का अकेला ऐसा मंदिर है जो पूर्ण रूप से ग्रेनाइट से निर्मित है.

8.पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू, नेपाल

पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की राजधानी काठमाण्डू से थोड़ी दूर बागमती नदी के किनारे मौजूद है. इसे नेपाल का सबसे पवित्र शिव मंदिर माना जाता है. शिव पुराण, अध्याय 11 के अनुसार इस मंदिर के शिवलिंग की पूजा करने वाले की हर मनोकामना पूर्ण होती है. इस मंदिर में केवल पशुपतिनाथ में आस्था रखने वाले लोगों को ही इस मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति है.

9.सोमनाथ मंदिर, गुजरात

मान्यता अनुसार शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंगों में यह सोमनाथ मंदिर स्थित शिव लिंग प्रथम ज्योतिर्लिंग है. सनातन धर्म के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थानों में से यह एक है. सोमनाथ मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों ने कई बार ध्वंश किया, पर हर बार इस का भव्य रूप से नवनिर्माण किया गया.

मंदिर का वर्तमान रूप चालुक्य राजवंश की वास्तुकला पर आधारित है। सोमनाथ मंदिर के पुनःनिर्माण में गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की अहम भूमिका थी.

10.नटराज मंदिर, चिदंबरम

इस मंदिर में शिव की आराधना नृत्य के देव नटराज के रूप में की जाती है. मंदिर की दीवारों पर आप नाट्य शास्त्र की सभी १०८ करणों की सुंदर नक्काशियाँ देख सकते हैं. इसके गर्भगृह की अनूठी बात यह है कि वहाँ शिवलिंग के स्थान पर शिव की नटराज रूप में मूर्ति है.

11.लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर

इस मंदिर में महादेव जी को हरिहर रूप में पूजा जाता है. भगवान हरिहर शिव और विष्णु का एक संयुक्त रूप है. 11वीं शताब्दी में बना यह मंदिर कलिंग वास्तु कला का एक सुंदर नमूना है. गैर हिंदुओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित है.

12.विश्वनाथ मंदिर, खजुराहो

यह मंदिर विश्वनाथ, मतलब शिव को समर्पित है. मंदिर को चंडेल राजवंश के एक शाशक दंग ने 10वीं शताब्दी में निर्मित करवाया था.

13.रामनाथ स्वामी मंदिर, रामेश्वरम

रामेश्वरम मंदिर भी शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इसमें गलियारा भारत के सभी हिन्दू मंदिरों में से सबसे लंबा है. पौराणिक मान्यता यह है कि यहाँ के शिव लिंग की स्थापना और प्रथम पूजा स्वयं भगवान श्री राम ने की थी.

14.भूमर मंदिर, मध्य प्रदेश

यधपी 5वीं या 6वीं शताब्दी में बने इस मंदिर के अधिकतर भाग अब संरक्षित नहीं है, फिर भी इस शिवलिंग को देख मन में एक ही खयाल आता है: सत्यम शिवम सुंदरम.भूमर मंदिर मध्य प्रदेश में सतना के करीब स्थित है.

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