बीन की धुन पर इसलिए नाचने लगता है सांप! आइये जानते हैं सर्प, बीन और सपेरे का रहस्य..

सांप
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हम अक्सर फिल्मों में सांप से संबंधित दृश्य देखते आए हैं. इन दृश्यों में हमने देखा है कि किस प्रकार सांपों की दुनिया इंसानों की दुनिया से अलग डरावनी और रहस्यमई है. फिल्मों में कई बार ऐसे दृश्य भी दिखाते है जिन पर विश्वास करना संभव भी नहीं होता है. आज इस लेख के माध्यम से हम आपको सांपों के बीन की आवाज़ सुनकर आकर्षित होने के रहस्य से अवगत कराएंगे.

हमने अक्सर लोगों को यह बोलते हुए सुना है कि सांप बीन की धुन पर नाचता है. मगर इस बात में कितनी सच्चाई है यह आज हम आपको बताते है.

आपको बता दें कि सांप कभी भी नाचता नहीं है. दरअसल सांप पूर्ण रूप से बहरा होता है और वह बीन की धुन सुन भी नहीं पाता है, तो नाचना तो संभव ही नहीं है. अब सवाल ये उठता है की हमने फिल्मों में और असल जिंदगी में भी सपेरों को बीन की धुन पर सांपों को नचाते देखा है. तो आखिर यह संभव कैसे होता है?

इसलिए सांप बीन की ओर आकर्षित होता है

बता दे क्योंकि सांप बहरा होता है, मगर आपने सपेरे को बीन बजाते वक्त उसकी बीन को ध्यान से देखा है. सांप की बीन की ऊपरी सतह पर कुछ कांच के टुकड़े लगे होते है. बीन में लगे उन्हीं कांच के टुकड़ों के कारण ही सर्प का ध्यान उस बीन की ओर केंद्रित होता है. दरअसल जब भी उन टुकड़ों पर सूर्य की किरणें या किसी भी प्रकार की रोशनी पढ़ती है तो उस रोशनी की किरणें कांच के टुकड़े से टकरा कर सांप की त्वचा पर पढ़ती है जिससे वह कुछ हरकत करने लगता है, सांप की इसी हरकत को हम उसका नृत्य समझने लगते है.

रहस्य

रोशनी की किरणों के कारण सर्प के आकर्षित होने को हम उसका नाचना मानने लगते है. वह सपेरे द्वारा बीन में की गई हरकत का अनुसरण कर रहा होता है, जो कि देखने में ऐसा प्रतीत होता है कि वह नृत्य कर रहा है, परंतु ऐसा नहीं होता है. यही रहस्य है कि सांप बीन की धुन पर आकर्षित होता है.

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