Pipal Tree: हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को क्यों पूजा जाता है? जानिए इसका कारण और महत्व…

पीपल के पेड़
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पीपल के पेड़ को हिंदू धर्म में पूजनीय पेड़ का दर्जा प्राप्त है. इस पेड़ का महत्व धर्म के प्राचीन ग्रंथों में उल्लेखनीय हैं. इसे अत्यंत लाभकारी बताया गया है. चलिए आज जानते है ऐसा क्या है कि हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को भगवान का दर्जा देकर उसे पूजनीय माना गया है.

पीपल के पेड़ में ब्रह्म देव, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का वास माना जाता है. पीपल का पूजन करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद तो मिलता ही है; साथ ही इससे पूर्वजों का आशीर्वाद भी सर्वथा हम पर बना रहता है.

हिन्दू धर्म के अनुसार पीपल के पेड़ को काटने पर माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को पूर्वजों से कष्ट मिलता है और उसके वंशावृद्धि में भी परेशानियाँ आने लगती हैं.

वहीं ऐसी भी मान्यता है कि पीपल का पेड़ रात में कार्बन डाई ऑक्साइड नही छोड़ता है बल्कि यह रात में भी ऑक्सीजन देता है.

अब जानते है पीपल के पेड़ से जुड़ी मान्यताएं

अमावस और पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाकर पूजा करने और पीपल की परिक्रमा करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और व्यक्ति को दीर्घायु प्राप्त होती है.

पीपल के पेड़ की पूजा करने और पुष्पादि अर्पित करने से माँ लक्ष्मी और शनिदेव की कृपा से आपके घर में सदैव सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.

सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे मंत्र जाप करने और पीपल की 108 परिक्रमा और व्रत करने से अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है.

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से आपके समस्त कष्ट दूर हो जाएंगे और हनुमान जी और शनि देव की कृपा आप पर सर्वथा बनी रहेगी.

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