NASA ने पिघलते ग्लेशियर की तस्वीर शेयर की, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से खतरे की घंटी

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NASA ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ली गई एक तस्वीर अपने Instagram अकाउंट से साझा की है,
Upsala ग्लेशियर के पिघलने की तस्वीर को 9 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है, कई यूजर्स तस्वीर को खूबसूरत बता रहें हैं और कई लोग ग्लोबल वार्मिंग के लिए चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

Global Warming की वजह से पिघला ग्लेशियर

ग्लोबल वॉर्मिंग का असर सैकड़ों ग्लेशियर पर पड़ रहा है, Nasa की इस तस्वीर से पता चलता है कि हम पृथ्वी बहुत तेजी से ग्लोबल वार्मिंग का शिकार हो रही है। इस तस्वीर को एक फ्रांसीसी अंतरिक्ष यात्री Thomas Pesquet ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से कैप्चर किया है। इसमें उपसाला ग्लेशियर दिखाई दे रहा है, जो अर्जेंटीना और चिली के दक्षिणी पेटागोनियन आइसफ़ील्ड का तीसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर माना जाता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का कहना है कि धरती पर ग्लेशियर छोटे होते जा रहे हैं और ये बदलाव अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष से दिखाई दे रहा है।

जलवायु वैज्ञानिकों को घरती के वातावरण की जानकारी मुहैया कराने वाली अर्थ ऑबजरवेशन सैटेलाइट द्वारा लगातर पिघलते ग्लेशियर को देखा जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते प्रभाव की वजह से चलते ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूट चुका है और यह पिघल कर समुद्री जलस्तर को बढ़ाता जा रहा है।

ग्रीनहाउस गैसों से बढ़ रहा है Global Warming

NASA का तस्वीर में लिखा कैप्शन कहता है कि जैसे-जैसे धरती पर जलवायु परिवर्तन हो रहा है, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन हमारे ग्रह को सुरक्षित बनाने के लिए इन बदलावों की तस्वीरें भेज रहे हैं।

यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ESA) की रिपोर्ट कहती है कि यह ग्लेशियर 2001 से 2016 के बीच 3 किलोमीटर से ज्यादा सिकुड गया है। धरती पर प्रदूषण और खतरनाक रसायन के निरंतर रिसाव से वातावरण लगातर दूषित हो रहा है और इसी वजह से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन हो रहा है जो ग्लोबल वार्मिंग के मुख्य कारकों में से एक है।

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