IND Vs NZ: ‘हलाल’ मांस को डाइट मेन्यू में शामिल करने पर क्यों हो रहा विवाद?

भारत, न्यूजीलैंड को 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बाद 25 नवंबर से दो मैच की सीरीज का पहला टेस्ट कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में खेला जाना है।

एक तरफ जहां t20 मैच के क्लीन स्वीप के बाद भारत क्रिकेट टीम की प्रशंसा हो रही है वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) तब विवादों में आ गई जब पता चला कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान भारतीय क्रिकेटर्स के लिए केवल ‘हलाल’ मांस की सिफारिश की गई है।

सबसे पहले आप हलाल मांस के बारे में जान लीजिए, हलाल में जानवर के गले की नस को काटकर तब तक छोड़ दिया जाता है जब तक कि उसका पूरा खून नहीं निकल जाए।

हिंदू संस्कृति में हलाल मांस खाने का जिक्र नहीं है। इस संस्कृति को मानने वाले झटका में जानवर के गर्दन पर तेज धारदार हथियार से वार करके खाते हैं।

हिंदू और सिख समुदाय खासकर ‘झटका’ वाला मांस खाना चाहते हैं जबकि मुस्लिम ‘हलाल’ मांस खाना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स भी इस मसले पर बीसीसीआई (BCCI) पर भड़के हुए हैं।

सोशल मीडिया पर #BCCI_Promotes_Halal ट्रेंड हुआ। लोगों बीसीसीआई पर हलाल मीट प्रमोट करने का आरोप लगाया।

इस वाकया में राजनीतिक हस्तक्षेप भी हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव गोयल ने ट्वीट में साफ तौर पर लिखा कि बीसीसीआई को हलाल प्रमोट नहीं करना चाहिए। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘बीसीसीआई यह याद रखे कि बोर्ड भारत में बना हुआ है, पाकिस्तान में नहीं।’ उन्होंने इस संबंध में एक वीडियो संदेश भी जारी किया।

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