Ind Vs Pak: भारतीय टीम यदि इस पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ यदि इसी तरह उतरी तो फिर शर्मनाक हार हाथ आ सकती है

IND VS PAK

क्रिकेट में हम स्टेडियम में बैठकर मैच देखने वालें या टीवी से चिपककर मैच देखने वालें दर्शक चाहे जो prediction बना लें असली खेल मैदान में खिलाडियों की आपसी प्रतिद्वंद्विता से ही होता है। अक्सर टीमें एक-दूसरे के खिलाफ जम कर तैयारियां कर मैदान में उतरती है। इसमें मैच पूर्व जम कर प्रैक्टिस की जाती है।

विपक्षी टीम का अमूक बल्लेबाज कहां कमजोर है उसकी गेंदबाज को तैयारी करवाई जाती है। किस गेंदबाज से टीम के बल्लेबाजों को ज्यादा सजग होकर खेलना है, उस गेंदबाज की स्ट्रेंथ क्या है यह सब मैच से पहलें दोनों टीमें बतौर तैयारी बहुत बारीक तरिके से देखती है।

अभी कुछ महिने पहले ही इंग्लैंड टीम भारत में एक लम्बी श्रृंखला खेलने आई थी। उस श्रृंखला में अश्वीन ने बेन स्टोक्स को जब किसी मैच में आउट किया तब उन्होंने कहा था की “मुझे याद है बेन स्टोक्स इसके पहले पिछली श्रृंखला में कोलकाता म़े जब आउट हुए तब इसी तरह आउट हुए थे”, “और मैं उनकी उस कमजोरी को जानता था जिस वजह से मैं आज फिर उनको आउट करने में कामयाब रहा”।

जाहिर है गेंदबाज बरसों पहले कि गेंद तक को अमुक खिलाडी को कैसे आउट किया याद रखते है। यह उदाहरण सिर्फ इसलिए की आज एक अकेले शाहीन शाह अफरीदी ने ही भारत को विश्व कप मैच में निपटा दिया।

शाहिन अफरीदी पाकिस्तान के स्ट्राईक बॉलर है। पाकिस्तान के सरफराज नवाज, इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनूस, शोएब एख्तर की तेज गेंदबाजी की परंपरा को साढ़े छह फूट का यह गेंदबाज उसी परंपरा अनुसार निभा रहा है।

अब बात यही है की जब अश्वीन बेन स्टोक्स पहले कैसे आउट हुए थे यह याद रख सकते है तो क्या रोहित शर्मा, केएल. राहुल शाहिन अफरीदी को पहली दफ़ा खेल रहे थे? जाहिर है नहीं। फिर आखिर शाहिन अफरीदी लेफ्ट आर्म से ओवर द विकेट बॉल ऑफ स्टम्प्स पर यॉर्कर डालते है यह इन दोनों को मालूम नहीं था? क्या इज्जत उतरने वाल़े मैच से पूर्व शाहिन अफरीदी की स्ट्रेंथ नहीं देखी गई?

पाकिस्तान ने आज 12-0 के बाद बुरी तरह से बदला लेकर हराया है। यह सब सिर्फ और सिर्फ शाहिन शाह अफरीदी की गेंदबाजी के कारण ही संभव हुआ है। पाकिस्तान विश्व कप में पहली बार भारत से जीता है।

शाहिन शाह अफरीदी के खिलाफ दरअसल कोई तैयारी ही नहीं की गई जिसका परिणाम हमारे सामने है। भारतीय टीम यदि विपक्षी टीमों के प्रमुख गेंदबाजों के खिलाफ यदि इसी तरह बिना किसी पूर्व तैयारी या लापरवाही से उतरी तो कप जीतना तो दूर और शर्मनाक हार हाथ आ सकती है।

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