पाकिस्तान का पहला बड़ा जिहादी क्रिकेटर था इमरान, जिसके रहते पाकिस्तानी टीम मौलवियों की फौज बनने लगी

पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ वकार यूनुस ने टीवी पर कहा कि रिज़वान का हिन्दुओं के सामने नमाज पढ़ना सबसे खास था। हर्ष भोगले जी ने इस बयान पर बड़ी चिन्ता जताई और भविष्य के लिए आगाह किया कि यह खेल के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

वरिष्ठ पत्रकार देवांशु झा बताते हैं कि, इस बात को सुनकर मुझे कुछ ज्यादा आश्चर्य नहीं हुआ। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भारत के विरुद्ध कभी खेलभावना से मैदान में उतरी है क्या?

आगे वह पाकिस्तान के आला कमान इमरान खान के बारे में बताते हैं कि पाकिस्तान का पहला बड़ा जिहादी क्रिकेटर था इमरान। वही इमरान,जिस पर हमारे देश के लोग मरते थे।

इमरान और जावेद मियांदाद ने पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को जिहादी बनाने में महती भूमिका निभाई। ये दोनों सबसे प्रभावशाली क्रिकेटर थे। इन दोनों ने पाकिस्तानी क्रिकेट संस्कृति में भारत विद्वेष के भाव पनपाए। हर खिलाड़ी को उसी तरह से प्रशिक्षित करते थे।

इमरान के जाते-जाते पाकिस्तानी टीम में मौलवियों की फौज बनने लगी। सईद अनवर, यूसुफ योहाना, मुश्ताक ये सब दाढ़ी वाले मौलवी बनकर मैदान में उतरने लगे। उसी दौर में सबसे बड़ा मौलवी आया, इंजमाम।

मैं कोहली की खेल भावना का सम्मान करता हूं। उसने हार के बाद रिजवान को गले लगाया। कोहली हमारे समय का सबसे बड़ा मैच विनर बल्लेबाज है। उसने हमें जीत के पचासों अवसर दिए हैं। उस दिन हम हार गए। खेल में यह सब चलता रहता है। आगे भी हार ही जाएंगे, ऐसा नहीं हो सकता।

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