PBKS Vs RR: मैच फिक्सिंग रोमांच रहा या क्रिकेट का खूबसूरत रोमांच? कहानी कार्तिक त्यागी के बीसवें ओवर की

कोई कितना भी कहे की आइपीएल क्रिकेट का असली स्वरुप नहीं है। आइपीएल में सटोरिये निकम्में नहीं रहते है। आइपीएल क्रिकेट खिलाडियों कि मूल प्रतिभा को प्रदर्शित नहीं करता। लेकिन फिर भी भारत ही नहीं क्रिकेट खेलने वालें दुनियाभर के देशों में इसे हर साल बड़े चाव से देखा जाता है।

अभी तो ये भारत में कोरोना के उत्पात के कारण आयोजित नहीं हो रहा है, लेकिन कोरोना के पूर्व के आइपीएल के हर मैच में पैर रखने की जगह तक ना होना इस बात की पुष्टी करता है की लोगों को सटोरियों, फिक्सिंग वगैरह से कोई लेना-देना नहीं है और वे सिर्फ स्टेडियम में अपनी पसंदीदा टीम की टी शर्ट पहनकर, ढोल बजाते नाचते हुए या घर में टीवी से चिपककर सिर्फ रन बरसाते और विकेट लेते अपने स्टार खिलाडियों के साथ क्रिकेट का सिर्फ आनंद लेना चाहते है।

यही सब जब से आइपीएल शुरु हुआ है बदस्तूर जारी है। और आइपीएल का असली क्रिकेट यहीं है। दर्शकों का ऐसा चहेता आइपीएल इस साल भी अब दूसरे पार्ट में यूएई में शुरु हो गया है और यह अब रोमांचकारी होता जा रहा है।

कल एक ऐसा ही मैच तब रोमांच से भरपूर हो गया जब राजस्थान रॉयल्स ने लगभग हारा हुआ मैच आखरी ओवर में पंजाब से छिन लिया। पॉइंट्स टेबल पर दोनों ही टीमें स्टार खिलाडियों से सजी होकर भी बिनाका गीतमाला में नीचे की पायदान पर चलने वाले गीतों कि तरह नीचे थी और मुकाबला दोनों ही के लिए महत्वपूर्ण था। क्रिकेट वास्तव में अनिश्चितताओं का खेल है यह कल के मैच में फिर एक बार जाहिर हुआ जब लगभग मैच जीत चूकी पंजाब आखरी ओवर में 04रन नहीं बना सकी और मैच हार गई। मैदान में बैठे दर्शकों के पैसे कल पूरे वसूल हो गए और टीवी से चिपके दर्शक भी मैच खत्म होने पर हैरान रह गए।

राजस्थान के युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी ने कल जो कमाल बीसवा ओवर डाला वो लाजवाब था। गेंदबाजों का भूर्ता बनाने वाले निकोलस पूरण और दीपक हुड्डा त्यागी की गेंदों पर चारों खाने चित्त हो गए और राजस्थान रॉयल्स के लिए ये दो पॉईंट्स त्यागी ने दिला दिए। कार्तिक त्यागी को उनके उस चमत्कारी ओवर के लिए “मैन ऑफ द मैच” से नवाजा गया। कल एल्विन लुईस, यशस्वी जयसवाल, महीपाल, मयंक अग्रवाल की बल्लेबाजी और पहले अर्शदीपसिंह फिर कार्तिक त्यागी की गेंदबाजी ने मैच को रोमांचक बना दिया। कल का मैच जिस तरह अंतिम ओवर में जाकर खत्म हुआ उससे आइपीएल का रोमांच अब बढ़ गया है और आगे भी ऐसे ही रोमांचक मैचों के होने की उम्मीद है।

हांलाकि जो आइपीएल को फिक्सिंग वगैरह मानते है उनके लिए यह “फिक्सिंग रोमांच’ रहा, लेकिन मुझ जैसो के लिए यह क्रिकेट के खूबसूरत रोमांच सा था।

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