Sagar Murder Case: दिल्ली पुलिस के गिरफ्त में पहलवान सुशील कुमार के चार अन्य सहयोगी, पूछताछ जारी

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Sagar Murder Case: 23 वर्षीय युवा पहलवान सागर धनकड़ हत्या मामले में दिल्ली पुलिस काफी एक्शन में दिख रही है. छत्रसाल स्टेडियम में सम्पत्ति विवाद के कारण हुए इस हत्याकांड में पहले पुलिस ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और उनके एक सहयोगी को गिरफतार किया था और अब चार अन्य सहयोगियों भी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.

दिल्ली पुलिस ने उन चारों सहयोगियों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए. उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी भूपेंद्र (38), मोहित (22), गुलाब (24) और रोहतक जिले के मूल निवासी मंजीत (29) के रूप में हुई है.

काला असौदा और नीरज बवाना गिरोह से है ताल्लुक

पुलिस ने कहा कि वे पहले से ही काला असौदा और नीरज बवाना गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं और उन्हें मंगलवार रात दिल्ली के कंझावला इलाके से गिरफ्तार किया गया. वही उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है.

रोहिणी के स्पेशल स्टाफ ने आरोपियों को पकड़ा

वही एक गुप्त सूचना मिलने पर उन चारों को दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने रोहिणी जिले से धर दबोचा. बता दें कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी सुशील कुमार के सहयोगी हैं और छत्रसाल स्टेडियम में हुए विवाद में शामिल थे.

प्रॉपर्टी विवाद ने ली सागर की जान

दरअसल, 4 मई को दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के दो गुटों के बीच झड़प हुआ था जिसमें 5 पहलवान घायल हो गए थे. घटना के बाद सभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहाँ सागर राणा नाम के एक पहलवान की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

रोहिणी के पुलिस उपयुक्त ने साझा की योजना

पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) प्रणव तायल ने सुशील के अन्य चारों सहयोगियों को पकड़ने की योजना को मीडिया से साझा किया. उन्होंने बताया कि “जिले के विशेष कर्मचारियों को सूचना मिली कि इस मामले में शामिल काला असौदा और नीरज बवाना गिरोह के चार लोग अपने सहयोगी कला से मिलने घेवरा गांव आ रहे हैं.”

जिसके बाद “सूचना पर कार्रवाई करते हुए, हमारी टीम ने घेवरा रेलवे क्रॉसिंग के पास एक जाल बिछाया और एक गुप्त मुखबिर के माध्यम से सभी चार लोगों की पहचान के बाद उन्हें पकड़ लिया.”

रोहिणी के डीसीपी प्रणव तायल ने आगे कहा कि “पूछताछ करने पर चारों आरोपियों ने घटनाओं का क्रम और अपराध में शामिल अन्य व्यक्तियों का विवरण बताया. साथ ही चारों ने अपने वाहनों और हथियारों को अपराध स्थल पर छोड़ दिया.”

इससे पहले रविवार को पहलवान सुशील कुमार और उनके सहयोगी अजय को बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके से दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की एक टीम ने गिरफ्तार किया और फिर मामले को अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया जो वर्तमान में मामले की जांच कर रही है.