भारत के इस खिलाड़ी ने बांधे युवा विकेटकीपर ऋषभ पन्त की तारीफों के पुल, कही ये बड़ी बात

किसी भी खिलाड़ी के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना एक बड़ा सपना होता है जिसे वह अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में हासिल करना चाहता है. अपने देश के लिए टेस्ट मैच खेलना गर्व की बात होती है और उसपर भी चार चांद लग जाता है जब कोई खिलाड़ी 100 टेस्ट मैच खेल लेता है.

हालांकि टेस्ट क्रिकेट में 100 टेस्ट मैच का सफर चुनौतिपूर्ण होता है और इस मुकाम तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों बनाए रखने की जरूरत होती है.

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में मैचों का शतक काफी कम ही खिलाड़ी बना पाए हैं. जहाँ आज के दौर में टी-20 और वनडे क्रिकेट का प्रचलन है, ऐसे में युवाओं के लिए 100 टेस्ट मैच का लक्ष्य पाना मुश्किल हो सकता है.

क्या 100 टेस्ट खेल पाएँगे ऋषभ पंत

हालाँकि, इन सबके बीच भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का 100 टेस्ट मैच खेलने की संभावना एक और भारतीय विकेटकीपर ने व्यक्त किया है. दर-असल दिनेश कार्तिक ऋषभ पंत को 100 टेस्ट खेलने वाला क्रिकेटर मानते हैं.

हालिया समय में पंत टेस्ट क्रिकेट में किए मैच विनिंग पारियों से भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. साथ ही वह हर दूसरे के मन में बैठे हुए हैं. इस कारण से उनकी जमकर तारीफ होती है. इसी बीच कार्तिक ने दावा किया कि पंत 100 टेस्ट खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करवाएंगे.

पंत 100 टेस्ट खेलने जा रहे हैं: दिनेश कार्तिक

‘स्पोर्टस टुडे’ को दिए इंटरव्यू में कार्तिक ने कहा कि “मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि वो (पंत) भारतीय क्रिकेट का एक अभिन्न अंग होंगे और उनलोगों में से एक होंगे जो 100 टेस्ट खेलने जा रहे हैं और साथ ही भारत के लिए बहुत सारी क्रिकेट सफेद गेंद सफेद क्रिकेट में भी खेलेंगे.”

वो हमेशा चुनौतियों के लिए तैयार रहते हैं

कार्तिक ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि जब तक ऋषभ आसपास रहे हैं, उन्होंने कुछ शानदार प्रदर्शन किए हैं. उन्होंने वास्तविक में कुछ हाई प्रेशर वाले मैच खेले हैं. विश्व कप फाइनल हो या आईपीएल फाइनल हो, सुंदरता ये है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इनमें कई मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है. मुझे लगता है कि वो ऐसे व्यक्ति हैं जो हमेशा चुनौती के लिए तैयार रहते हैं.”

क्रंच मैचों में रन बनाने का तरीका खोजा है

कार्तिक ने आगे कहा, “मुझे याद है कि कुछ साल पहले उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को अपने दम पर मैच जिताया था. मुझे लगता है कि वह एक एलिमिनेटर था. इन क्रंच मैचों में उन्होंने हमेशा रन बनाने के तरीके खोजे हैं. ये दबाव को संभालने की उनकी क्षमता को दर्शाता है. वो वास्तव में दबाव में पनपते हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ पिछली कुछ सीरीज में भारत के लिए कुछ शानदार पारियां खेली थीं.”