Black Lives Matter: एक घटना जिसने ट्रंप को गद्दी से हटा दिया

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“I Can’t Breath…”ये जॉर्ज फ्लोयड के मुँह से निकलने वाले आखिरी शब्द थे। इसके बाद वो शांत हो गए, हमेशा के लिए मगर इस घटना के बाद पूरा अमेरिका अशांत हो गया। सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि कुछ दूसरे देश भी अशांत हो गए,जहां इस तरह की नस्लभेदी घटनाएं होती हैं।

25 मई 2020 को मिनियापोलिस में यह घटना घटी जिसके बाद से अमेरिका के विभिन्न शहरों में इस घटना को लेकर लोगों का आक्रोश देखा गया।

महत्त्वपूर्ण बात है कि इन प्रदर्शनों में अश्वेत अकेले नहीं थें बल्कि उनका साथ श्वेत नागरिक भी दे रहे थे। इस महाशक्तिशाली देश में No Justice No Peace और Black Lives Matter जैसे नारें गूँज रहे था। इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं था। मगर इस घटना ने बड़े पैमाने पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी बात तो यह है कि लोग इस मुद्दे पर काफी प्रतिक्रिया भी दिए। जो दर्शाता है कि अब समय बदल गया है। पुराने समय की मनमानी अब नहीं चलेगी।

सबका जीवन महत्वपूर्ण है, चाहे वह श्वेत हो या अश्वेत।

इसके अलावा बड़े पैमाने पर सेलिब्रिटीज भी अपने अनुभव साझा करने लगे। कैरेबियाई क्रिकेटर डैरेन सैमी ने आईपीएल सीजन 2013-14 की अपनी यादें ताजा करते हुए कुछ साथी खिलाड़ियों द्वारा नस्लभेदी टिप्पणी की बात कही। वहीं मशहूर पॉप सिंगर जस्टिन बीबर का कहना था कि मेरा फैशन, मेरा गाना सब इसी संस्कृति से प्रभावित और प्रेरित हुआ है। मै पूरी तरह से नस्लवाद से लड़ने को तैयार हूं।

इस बीच पूर्व अमेरिकन पॉप सिंगर प्रिंस के साम्राज्य की ओर से एक संदेश जारी किया गया। 7 जून को लिखे गए पत्र में उन्होंने लिखा कि नस्लवाद में असहिष्णुता से बदसूरत कुछ भी नहीं। इसी प्रकार की और भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जिस प्रकार से ट्रंप प्रशासन और जब पुलिस की नाकामी सामने आ रही है, वह सम्पूर्ण अमेरिकी प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करने लगी। फिर अमेरिकी चुनाव में ट्रंप हार गए।

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