Pakistan के पीएम ने यूएन में फिर अलापा कश्मीर राग,भारत पर सैन्य ताकत बढ़ाने का लगाया आरोप

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Pakistan अपने 75 वर्ष के इतिहास की सबसे विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है. इस भीषण त्रासदी के बावजूद पाकिस्तान के सिर से भारत और कश्मीर का भूत उतरा नहीं है. संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में भाग लेते हुए पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का रोना रोया और अनुच्छेद 370 को बहाल करने की मांग की. बता दें कि भारत ने 5 अगस्त 2019 को कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था जिसके बाद जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त हो गया था।

शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में भी UN सभा को बताया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ ने 400 से अधिक बच्चे समेत 1500 लोग इस बाढ़ में मारे गए।पाकिस्तान के पीएम ने कहा बाढ़ के कारण एक करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से नीचे धकेल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में बाढ से करीब 80 लाख लोग विस्थापित हुए हैं

Pakistan PM ने युद्ध का किया जिक्र

Pakistan PM ने कहा, ”मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत इस संदेश को समझे कि दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. युद्ध कोई विकल्प नहीं है, केवल शांतिपूर्ण संवाद से ही मुद्दों का समाधान हो सकता है ताकि आने वाले समय में दुनिया में और अधिक शांति हो.उन्होंने कहा, ”1947 के बाद से हमने 3 युद्ध किए हैं और इसके परिणामस्वरूप दोनों तरफ केवल दुख, गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है. अब यह हम पर निर्भर है कि हम अपने मतभेदों, अपनी समस्याओं और अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण बातचीत और चर्चा के माध्यम से हल करें.”

सैन्य ताकत बढ़ाने का लगाया आरोप

शहबाज ने आरोप लगाया कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में अपनी सैन्य तैनाती और बढ़ाई है जिसके कारण यह दुनिया में सबसे अधिक सैन्यीकृत क्षेत्र बन गया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग हमेशा कश्मीरियों के साथ खड़े रहेंगे.पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों को अपने संसाधन हथियार खरीदने पर जाया नहीं करना चाहिए.

Pakistan ने आतंकवाद का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ा

आतंकवाद के मुद्दे पर शहबाज (Pakistan PM)ने कहा कि अफगानिस्तान से संचालित प्रमुख आतंकवादी समूहों, विशेष रूप से आइएसआइएल-के, टीटीपी, अल कायदा, ईटीआइएम और आइएमयू द्वारा उत्पन्न खतरे के बारे में पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रमुख चिंताओं को साझा करता है. उन्होंने कहा, इन सभी से अंतरिम अफगान अधिकारियों के समर्थन और सहयोग से प्रभावी ढंग से और व्यापक रूप से निपटने की आवश्यकता है.

नए स्थायी सदस्य बनाने का किया विरोध

संयुक्त राष्ट्र में सुधार के मसले पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में 11 नए अस्थायी सदस्य जोड़े जाने चाहिए.नए स्थायी सदस्य जोड़ने से परिषद की फैसले लेने की व्यवस्था पंगु हो जाएगी और संप्रभु समानता के सिद्धांत का उल्लंघन करते हुए सुविधा के नए केंद्र बनाएंगे.

भारत ने सुरक्षा परिषद में सुधार की बताई जरूरत

भारत सहित 34 देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधारों के लिए एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया.विदेश मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र को तत्काल और व्यापक सुधार की आवश्यकता है। इस बात पर जोर दिया गया है कि परिषद को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बहुमत का गठन करते हुए विकासशील दुनिया की आकांक्षाओं और दृष्टिकोणों को प्रतिबिंबित करना चाहिए.

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