तालिबान का फरमान, कहा-‘महिलाओं को शादी के लिए कोई नहीं कर सकता मजबूर’

Talibani Rules
Image Credits: Flickr

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबानी सरकार (Taliban Government) बनने के बाद अब एक नया फरमान जारी कर दिया है. तालिबान ने अब महिलाओं की जबरन शादी पर रोक लगा दी है. अपने आदेश में तालिबान ने कहा है कि ‘महिला और पुरुष बराबर होने चाहिए. कोई भी महिलाओं को जबरदस्ती या दबाव से शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है.

दरअसल, तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंजादा ने इस फैसले की घोषणा की है. अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के बाद अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से देश में अंतरराष्ट्रीय मदद बहाल न होने से अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है.

संभवत: इस कारण लिया ये फैसला

गौर करने वाली बात ये है कि तालिबान ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि विकसित राष्ट्रों से मान्यता हासिल करने और सहायता बहाल करने के लिए इन मानदंडों को पूरा किया जाना जरूरी है. गरीब, रूढ़िवादी देश में जबरन विवाह बहुत प्रचलित है क्योंकि आंतरिक रूप से विस्थापित लोग कम उम्र की अपनी बेटियों की शादी पैसे लेकर कर देते हैं.

आपको बता दें कि आदेश में शादी के लिए न्यूनतम उम्र का उल्लेख नहीं किया गया है, मगर पहले यह 16 साल निर्धारित थी. अफगानिस्तान में दशकों से महिलाओं को संपत्ति की तरह माना जाता रहा है. साथ ही हत्या के बदले या विवादों और कबायली झगड़ों को समाप्त करने के लिए भी बेटियों की शादी करा दी जाती है. तालिबान ने कहा है कि वह इस प्रथा के खिलाफ है.

Taliban ने महिलाओं की जबरन शादी पर लगाई रोक, किए नए आदेश जारी

ये भी पढ़ें: सर्बिया दूतावास का छलका दर्द, कहा-‘तीन महीने से नहीं मिला वेतन’