Toshakhana Case: जिन तोहफों को लेकर फंसे हैं इमरान खान, वैसे गिफ्ट्स का क्या करते हैं PM MODI, एक्सपर्ट से जानें

PM Modi

Image Credits: Ani/Twitter

Toshakhana Case: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले पर बवाल मचा हुआ है। आरोप है कि प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन्हें जो तोहफे मिले उसे उन्होंने अपने पास रख लिया। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. दुनियाभर के लोग इस क्लिप को शेयर कर रहे हैं और इमरान खान को उनकी तरह बनने की नसीहत भी दे रहे हैं पाकिस्तान में लोग पीएम मोदी की आलोचना करते हैं, लेकिन तोशाखाना मामला सामने आने के बाद पीएम मोदी की तारीफ की जा रही है। विदेश मामलों के जानकार डॉ अभिषेक खरे से जानें भारत में क्या नियम है।

तोशाखाना पर पीएम मोदी का बयान

पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री से उस दौरान उन्हें विदेशों से कई चीजें उपहार में मिली थीं. इसका जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा था- ”जब मैं सार्वजनिक समारोहों में जाता था तो लोग अनेक तरह के सामान देते थे…मैं भी इंसान हूं, मेरा भी मन करता है कि यार, बहुत बढ़िया पेंटिंग है, घर में दीवार पर लगाऊंगा, मेहमान आएंगे, तो बहुत अच्छा लगेगा. ये बढ़िया सी मूर्ति दी है, यहां रखूंगा तो बहुत अच्छा लगेगा लेकिन मेरा मन नहीं करता था. मैं वो सारा सामान तोशाखाना में डाल देता था. वो भी बहुत परेशान हो जाते थे लेकिन मैं सोचता था मैं इसे कहा रखूंगा. कौन संभालेगा इन चीजों को. उसके बाद जब मैंने उसका वैल्यूएशन कराना शुरू किया तो उसकी नीलामी कराने लगा. गर्व से कहता हूं कि जब मैंने गुजरात छोड़ा था, तो ये जो मुझे मिलती थी चीजें, उसका मैं लगातार ऑक्शन कराता था पब्लिक में और ऑक्शन करके उससे जो पैसा आता था, उसे मैं गर्ल चाइल्ड एजुकेशन के लिए सरकार में डोनेट करता था।

क्या है तोशाखाना केस

उर्दू में तोशाखाना और अंग्रेजी में इसे ट्रेजरी कहा जाता है। विदेशी मेहमानों और डेलीगेट्स से जो भी गिफ्ट सरकारी अधिकारियों को मिलते हैं, वे तोशाखाना में जमा किए जाते हैं। प्रधानमंत्री को यह छूट मिलती है कि वे मिले हुए गिफ्ट को ले सकते हैं लेकिन नियमानुसार उन्हें उन गिफ्ट्स की कीमत का कुछ प्रतिशत भुगतान करना होता है। इमरान पर यही आरोप है कि उन्हें जो भी गिफ्ट मिले, उसे उन्होंने बेचकर करीब 36 मिलियन डॉलर की कमाई की। यह आरोप है कि उन्होंने गिफ्ट में मिली महंगी घड़ियों को कभी तोशाखाना में जमा ही नहीं किया। यह नियमों का उल्लंघन है।

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