CoinDCX Crypto Hack: भारत के दूसरे सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर $4.42 करोड़ का साइबर हमला
नई दिल्ली | देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज CoinDCX पर हाल ही में एक बड़ा साइबर हमला हुआ है। इस हमले में एक्सचेंज के एक आंतरिक ऑपरेशनल अकाउंट से करीब 4.42 करोड़ डॉलर (लगभग ₹370 करोड़) निकाल लिए गए। यह अकाउंट एक पार्टनर एक्सचेंज पर लिक्विडिटी प्रोविजनिंग यानी नकदी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए इस्तेमाल होता था।
ग्राहक फंड्स पूरी तरह सुरक्षित: कंपनी का दावा
CoinDCX के सह-संस्थापक और सीईओ सुमित गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस साइबर हमले की पुष्टि की। उन्होंने लिखा,
“हमारे एक ऑपरेशनल अकाउंट में ब्रीच हुआ है, लेकिन हम ये स्पष्ट करना चाहते हैं कि कस्टमर वॉलेट्स या एसेट्स पर कोई असर नहीं पड़ा है। ये पूरी तरह से कोल्ड वॉलेट में सुरक्षित हैं।”
हमला रोकने की त्वरित कार्रवाई
गुप्ता के अनुसार, जैसे ही इस ब्रीच का पता चला, प्रभावित अकाउंट को तुरंत आइसोलेट कर दिया गया, ताकि नुकसान को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि इस अकाउंट का सीधा संबंध ग्राहकों के फंड्स से नहीं था, इसलिए जोखिम सिर्फ उसी एक खाते तक सीमित रहा।
CoinDCX उठाएगी नुकसान का भार
सुमित गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि कंपनी इस वित्तीय नुकसान को अपनी ट्रीजरी (आंतरिक कोष) से कवर करेगी और ग्राहकों के पैसे या सेवाओं पर कोई असर नहीं होगा। ट्रेडिंग और निकासी सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं।
जांच और सुधार की प्रक्रिया जारी
CoinDCX की इंटरनल सिक्योरिटी टीम अब प्रमुख साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर जांच कर रही है। ब्रीच का स्रोत, संभावित कमजोरियां और फंड ट्रैकिंग पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि वह जल्द ही बग बाउंटी प्रोग्राम शुरू करेगी, जिससे सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
इससे पहले WazirX भी हुआ था निशाना
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले वर्ष WazirX, भारत का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज, भी एक साइबर हमले का शिकार हुआ था। उस मामले में हैकर्स ने $235 मिलियन (₹1,900 करोड़ से अधिक) की ईथेरियम चोरी कर ली थी। बाद में अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने मिलकर पुष्टि की थी कि इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया का Lazarus Group था।