Corona Kavach Policy: कोरोना काल में मिल सकता है पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर, जानिए फायदे

अमेरिका के एक प्राइवेट कंपनी ने अपने 900 कर्मचारी को जॉब से निकाल दिया। उनके जॉब से निकालने की वजह कोरोना का नया डर है। इससे पहले भी कोरोना महामारी से न सिर्फ भारत बल्कि विश्व के और देशों को भारी क्षति हुई है।

इसी सब को मद्दे नजर रखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने 10 जुलाई 2020 को कोरोना कवच इंश्योरेंस की शुरुआत की थी। जिसमें एक कोरोना पेंशट को इलाज के अलावा आने वाले भावी खर्चों का भी फायदा मिलता है।

हाल में ही आए ओमोक्रान वेल्टा के आने के बाद इस जीवन बीमा निगम की चर्चा और भी तेज हो चुकी है। साथ ही बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDA ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को 31 मार्च 2022 तक नई कोरोना कवच Policy को बेचने और पुराने वाले को रिन्यू करने का आदेश दिया है। तो चलिए आपको कोरोना कवच के बारे में विस्तार से बताते हैं…

क्या है ये पॉलिसी और कैसे करती है काम?

यह पॉलिसी कोरोना पीड़ित लोगों के लिए है। कोरोना कवच जनरल हेल्थ कवर से बिल्कुल अलग है क्योंकि इसमें सिर्फ कोरोना का ही इलाज करा सकते हैं।

इसमें संक्रमित व्यक्ति को बेड का चार्ज, नर्सिंग चार्ज, ब्लड टेस्ट, पीपीई किट, ऑक्सीजन, आईसीयू और डॉक्टर की कंसल्टेशन फीस आदि का मुफ्त कवर दिया जाता है। इतना ही नहीं जब आप डिस्चार्ज हो जाइएगा, तब भी अगले 30 दिनों का मेडिकल खर्च भी इस पॉलिसी में शामिल है।

18 साल से 65 साल की उम्र के बीच के लोगों के लिए बनाइ इस योजना से ₹5लाख तक का लाभ मिल सकता है। इस पॉलिसी के प्रीमियम के तौर पर आपको अपने प्लान के अनुसार 500 से 6 हजार रुपये तक देने पड़ते हैं, जिस पर जीएसटी भी इन्क्लूड है।

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