भारत ने 30% कस्टम ड्यूटी लागू की, अंबानी के Vantara चिड़ियाघर की लागत बढ़ेगी
भारत सरकार ने हाल ही में पेश किए गए बजट में जानवरों और पक्षियों के आयात पर 30% कस्टम ड्यूटी लागू कर दी है, जो देश के सबसे बड़े निजी चिड़ियाघर के संचालन खर्च को बढ़ा सकती है।
गुजरात में 3,500 एकड़ में फैला Vantara चिड़ियाघर, जो लगभग 2,000 प्रजातियों का घर है, मुकेश अंबानी के परिवार द्वारा संचालित किया जाता है। इसके अलावा, देश के अधिकांश चिड़ियाघरों की तुलना में यह औसत से अधिक पैमाने पर विदेशी देशों से जानवरों का आयात करता है।
2022 से यह संस्था दक्षिण अफ़्रीका, संयुक्त अरब अमीरात और वेनेज़ुएला जैसे देशों से चीता, गैंडा और सरीसृप समेत कई जानवरों को ला चुकी है। सरकार ने पहले दी जा रही आयात छूट को हटाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े स्तर के संरक्षण प्रयासों को यह नया शुल्क प्रभावित कर सकता है और इससे मूल्य संरचनाओं पर बोझ पड़ेगा।
Vantara ने पहले कहा है कि वह किसी जानवर के लिए कोई वाणिज्यिक भुगतान नहीं करता है और केवल रेस्क्यू, संरक्षण और पुनर्वास के उद्देश्य से उन्हें लाता है। इसके लिए वह बीमा और माल भाड़ा खर्च उठाता है।
नई कस्टम ड्यूटी को घरेलू प्रजनन को प्रोत्साहित करने के लिए लागू बताया गया है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय बचाव अभियानों के लिए वित्तीय बोझ बन सकती है।
पिछले साल कुछ पशु व्यापार डेटा में अंतर को लेकर CITES (संयुक्त राष्ट्र वनस्पति एवं जीवधारी व्यापार सलाहकार निकाय) ने भी चिंताएं जताई थीं, लेकिन भारत की सर्वोच्च अदालत ने किसी भी कानूनी उल्लंघन से Vantara को मुक्त कर दिया है।
अब सरकार के इस फैसले के बाद वैश्विक समुदाय कुछ निगरानी बनाए रखे हुए है, विशेषकर यूरोपीय अधिकारियों की नजर आयात पर है। यह भी बताया गया है कि वर्ष 2023 में जर्मनी से आए 26 दुर्लभ तोतों की खेप का बीमा और माल भाड़ा $25,194 था, और उस समय आयात शुल्क $7,500 छूट के आधार पर माफ किया गया था।