Kissht को FY25 में 18% का नुकसान, शॉर्ट टर्म लोन बंद होने से गिरा मुनाफा
मुंबई, कंज्यूमर लेंडिंग स्टार्टअप Kissht ने वित्त वर्ष 2025 में 18% की गिरावट के साथ Rs 160 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी की कुल आमदनी Rs 1,353 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 20% कम है। (स्रोत: The Economic Times)
कंपनी का टैक्स और ESOP लागत से पहले का मुनाफा Rs 253 करोड़ रहा।
शॉर्ट टर्म पर्सनल लोन बंद करना पड़ा भारी
डिजिटल उधारी क्षेत्र में आई सख्ती और जोखिम मूल्यांकन के चलते Kissht को अपने हाई-मार्जिन अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म पर्सनल लोन प्रोडक्ट बंद करने पड़े, जिससे कंपनी की आमदनी पर बड़ा असर पड़ा।
अब लंबी अवधि और सिक्योर्ड लोन पर फोकस
IPO की तैयारी कर रही Kissht ने अब 6 महीने से ज्यादा की अवधि वाले कंज्यूमर लोन देना शुरू किया है और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी व स्मॉल बिजनेस लोन जैसे सिक्योर्ड प्रोडक्ट्स में भी एंट्री की है। कंपनी अब खुद को एक फुल-स्टैक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
डिस्बर्समेंट घटा, लेकिन AUM में बढ़ोतरी
CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, Kissht की NBFC यूनिट Si Creva ने FY25 में Rs 9,776 करोड़ का लोन डिस्बर्स किया, जो FY24 के Rs 18,527 करोड़ से लगभग आधा है। हालांकि, कंपनी का AUM बढ़कर Rs 4,129 करोड़ हो गया, जो पिछले साल Rs 2,670 करोड़ था। अब कंपनी के 99.5% लोन 6 महीने से अधिक अवधि के हैं, जबकि FY24 में यह आंकड़ा केवल 65% था।
IPO की तैयारी, लेकिन लॉन्च में देरी संभव
Kissht, Moneyview और KreditBee जैसे अन्य डिजिटल लेंडिंग स्टार्टअप्स के साथ IPO की तैयारी कर रही है, लेकिन ET की रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों का लिस्टिंग डेब्यू 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में हो सकता है।
2015 में McKinsey के पूर्व प्रोफेशनल्स रणवीर सिंह और कृष्णन विश्वनाथन द्वारा स्थापित Kissht ने अब तक $133 मिलियन फंडिंग जुटाई है, जिसमें Vertex Ventures और Ventureast प्रमुख निवेशक हैं।