ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में मुकेश अंबानी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे
नई दिल्ली: भारत के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। ब्लूमबर्ग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच चल रहे व्यापारिक टकराव में अंबानी का नाम भी चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट बताती है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में जब भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर सवाल उठाए गए, तब उनके शीर्ष सलाहकारों ने भारत के कुछ सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों पर युद्ध से मुनाफाखोरी (war profiteering) के आरोप लगाए। भले ही किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन इस विवाद के केंद्र में अंबानी माने जा रहे हैं क्योंकि उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में रूसी तेल की सबसे बड़ी खरीदार है।
मोदी सरकार और अंबानी की भूमिका
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अंबानी जैसे उद्योगपति, जिन्होंने अपने पिता के पेट्रोकेमिकल व्यवसाय को विरासत में पाकर उसे तेल से लेकर टेलीकॉम साम्राज्य में बदल दिया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रनिर्माण नीतियों का अहम हिस्सा माने जाते हैं। सरकारी नीतियों ने उन क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान की है जो उनके व्यवसाय के लिए अहम हैं—जैसे घरेलू रिटेल, जिस पर अब ट्रंप प्रशासन की नजरें टिकी थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के आरोप अंबानी और मोदी सरकार, दोनों के लिए असहज स्थिति पैदा करते हैं। हालांकि इतिहास गवाह है कि अरबपतियों से जुड़ी मुश्किलें भारतीय प्रधानमंत्री पर सीधे असर नहीं डालतीं, क्योंकि वे ऐसे दौर में खुद को सार्वजनिक रूप से उनसे अलग दिखाने में सफल रहते हैं