1 अगस्त से बदल जाएगा UPI का सिस्टम: बैलेंस चेक और ऑटोपेमेंट पर लगेगी लिमिट, जानिए नया नियम

 
1 अगस्त से बदल जाएगा UPI का सिस्टम: बैलेंस चेक और ऑटोपेमेंट पर लगेगी लिमिट, जानिए नया नियम

UPI यूजर्स के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 21 मई को सर्कुलर जारी करते हुए 1 अगस्त 2024 से कुछ नए नियम लागू करने का फैसला किया है। इसका मकसद है UPI नेटवर्क को भीड़भाड़ के समय (Peak Hours) में भी स्थिर और बेहतर बनाए रखना।

10 सबसे ज्यादा यूज होने वाले APIs पर लगेगी रोक

सभी बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSPs) को निर्देश दिया गया है कि वे UPI नेटवर्क पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 10 APIs की स्पीड को कंट्रोल करें। ये APIs बैलेंस चेक, ऑटोपेमेंट शुरू करने और ट्रांजेक्शन स्टेटस जैसी सेवाओं से जुड़ी हैं।

NPCI ने साफ किया है कि अगर कोई बैंक या PSP इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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बैठक के समय बंद रहेंगे ये फीचर्स

नई गाइडलाइन के मुताबिक:

  • सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक
  • शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे तक

इन Peak Hours में ग्राहक बिना किसी ट्रांजेक्शन के बार-बार बैलेंस चेक या स्टेटस चेक नहीं कर पाएंगे। इससे सिस्टम पर लोड कम होगा।

1 अगस्त से लागू होंगे ये बदलाव:

  • हर ऐप से ग्राहक दिन में केवल 50 बार बैलेंस चेक कर सकेगा।

  • ऑटोपेमेंट फीचर (Netflix, SIP वगैरह) सिर्फ नॉन-पीक आवर्स में प्रोसेस होगा।

  • हर ऑटोपेमेंट को अधिकतम 1 बार ट्राय और 3 रीट्राई की अनुमति मिलेगी, वो भी कम स्पीड पर।

  • ऑटोपेमेंट सेट किया जा सकता है पीक आवर्स में, लेकिन उसका प्रोसेसिंग टाइम होगा सिर्फ नॉन-पीक आवर्स में।

बैंकों को मिलेगा नया निर्देश

NPCI ने बैंकों से यह भी कहा है कि जब भी कोई ट्रांजेक्शन सफल हो, तो उसके साथ ग्राहक को अकाउंट बैलेंस की जानकारी भी भेजी जाए। इससे बार-बार बैलेंस चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

व्यापारियों को होगी थोड़ी दिक्कत

Bzeepay के COO मुशर्रफ हुसैन के मुताबिक, व्यापारी अक्सर ट्रांजेक्शन स्टेटस और बैलेंस चेक करते हैं, जिससे उन्हें कुछ परेशानी हो सकती है। लेकिन यह कदम UPI सिस्टम को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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