CBSE New Guideline 2025: बोर्ड परीक्षा के लिए नए नियम जारी, जानें क्या बदल
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि वर्ष 2026 से परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना होगा। यदि कोई छात्र इन शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
15 सितंबर को जारी नोटिस के मुताबिक, 10वीं और 12वीं की पढ़ाई दो वर्षीय प्रोग्राम मानी जाएगी। छात्रों के लिए 75% अटेंडेंस अनिवार्य होगी और इंटरनल असेसमेंट पूरा करना जरूरी होगा।
7 मुख्य नियम:
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दो वर्षीय अध्ययन अनिवार्य – 9–10 और 11–12 को एक सतत कार्यक्रम माना जाएगा।
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अटेंडेंस – न्यूनतम 75% उपस्थिति जरूरी।
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इंटरनल असेसमेंट – दोनों वर्षों में अनिवार्य।
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एडिशनल सब्जेक्ट्स – 10वीं में 2 और 12वीं में 1 अतिरिक्त विषय ही चुना जा सकेगा।
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मान्यता प्राप्त विषय – केवल उन्हीं विषयों में परीक्षा की अनुमति मिलेगी जिन्हें स्कूल ने CBSE से स्वीकृति ली हो।
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कंपार्टमेंट और रिपीट – “कंपार्टमेंट” या “एसेंशियल रिपीट” वाले छात्र प्राइवेट उम्मीदवार बनकर परीक्षा दे सकेंगे।
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एडिशनल विषयों पर नियम – नियमों का पालन न करने पर प्राइवेट उम्मीदवार के तौर पर भी अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं मिलेगी।
2026 से 10वीं की दो परीक्षाएं
सीबीएसई ने यह भी घोषणा की है कि 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। पहली परीक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगी। दूसरी परीक्षा अंक सुधारने या फेल होने की स्थिति में छात्रों के लिए वैकल्पिक होगी।