Archana Tiwari Missing Case: 11 दिन बाद भी लापता अर्चना तिवारी का सुराग नहीं, पुलिस कई एंगल से जांच में जुटी
कटनी। इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस से लापता हुई कटनी निवासी एडवोकेट अर्चना तिवारी का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। घटना को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ बड़ा सुराग नहीं लगा है। परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है, जबकि पुलिस का दावा है कि केस जल्द सुलझा लिया जाएगा।
जांच का दायरा बढ़ा
भोपाल रेल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। जबलपुर, कटनी और साइबर सेल की टीमों को भोपाल बुलाया गया है। कटनी GRP उपनिरीक्षक अनिल मरावी ने बताया कि सिविल जज की तैयारी कर रहीं अर्चना तिवारी की तलाश के लिए कई टीमें अलग-अलग जगहों पर काम कर रही हैं।
रेडियो मैसेज के जरिए रेलवे पुलिस ने अर्चना की जानकारी साझा की है। वह 7 अगस्त को इंदौर-बिलासपुर ट्रेन के B3 कोच की बर्थ नंबर 3 पर यात्रा कर रही थीं। उनकी ऊंचाई 5 फीट 11 इंच और उस समय उन्होंने ऑरेंज ड्रेस पहनी हुई थी।
कई एंगल से जांच
कटनी, इटारसी, नरसिंहपुर और जबलपुर GRP की टीमें भोपाल पहुंची हैं। साइबर टीम भी अर्चना की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। इस बीच सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि वह इंदौर के हॉस्टल से एक कार में आती-जाती थीं। जांच में पाया गया कि यह कार चोरी की थी और इसे टैक्सी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है लेकिन अर्चना तक पहुंचने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
परिवार की हालत खराब
परिवार लगातार इंदौर से कटनी के बीच तलाश में भटक रहा है। थकान और तनाव के चलते अर्चना के पिता बाबू प्रकाश तिवारी बीमार पड़ गए हैं। तीनों भाई और परिवार के अन्य लोग भी परेशान हैं। उनका कहना है कि पुलिस जल्द से जल्द अर्चना को ढूंढ निकाले।
आखिरी लोकेशन और अनहोनी का शक
पुलिस के अनुसार अर्चना का आखिरी लोकेशन रानी कमलापति स्टेशन के बाद नर्मदा ब्रिज के पास मिला। उनकी बर्थ ट्रेन के गेट के पास ही थी। पुलिस और परिवार को आशंका है कि कहीं वह रात में गलती से गिर तो नहीं गईं। नदी और जंगलों में तलाशी अभियान चलाया गया है, लेकिन अभी तक कोई सबूत नहीं मिला।