गुमशुदगी के 13वें दिन मिली अर्चना तिवारी, ग्वालियर कनेक्शन ने खोला राज़
कटनी/ग्वालियर। 7 अगस्त को ट्रेन से अचानक लापता हुई अर्चना तिवारी आखिरकार मिल गई हैं। गुमशुदगी के 13वें दिन अर्चना ने अपनी मां से फोन पर बात कर लोकेशन बताई, जिसके बाद जीआरपी की टीम उसे लेने रवाना हो गई। परिजनों ने एनडीटीवी को पुष्टि की कि अर्चना सुरक्षित है।
ग्वालियर कनेक्शन आया सामने
जांच में पता चला कि अर्चना का ग्वालियर में पदस्थ आरक्षक राम तोमर से लगातार संपर्क था। पुलिस ने 19 अगस्त को उससे पूछताछ की और कई अहम सुराग हाथ लगे। आरक्षक ने युवती का इंदौर से ग्वालियर का बस टिकट भी बुक कराया था।
घटना का सिलसिला
कटनी जिले की रहने वाली अर्चना 7 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने के लिए इंदौर से निकली थी। वह नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच बी-3 में सवार हुई। लेकिन कटनी स्टेशन पर ट्रेन से नहीं उतरी। परिजनों ने खोजबीन की तो ट्रेन की बर्थ पर अर्चना का बैग मिला। इसके बाद GRP में गुमशुदगी दर्ज हुई।
पुलिस का बयान
SP रेल राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि “परिजनों से बातचीत और मिले क्लूज़ के आधार पर जल्द ही अर्चना को रिकवर कर लिया जाएगा।” वहीं अर्चना के भाई दिव्यांशु मिश्रा ने कहा कि “बहन जीवित और सुरक्षित है, बाकी जानकारी पुलिस देगी।”