प्रवर्तन निदेशालय ने Axis Mutual Fund के पूर्व ट्रेडर वीरेश जोशी को गिरफ्तार किया, 2 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
नई दिल्ली, 3 अगस्त 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार को Axis Mutual Fund के पूर्व मुख्य ट्रेडर और फंड मैनेजर वीरेश जोशी को एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। उन पर 'फ्रंट-रनिंग' के माध्यम से निवेशकों के साथ 2 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। विशेष PMLA कोर्ट ने जोशी को 8 अगस्त तक ED की हिरासत में भेज दिया है।
फ्रंट-रनिंग क्या है?
फ्रंट-रनिंग एक अनैतिक और गैरकानूनी तरीका है, जिसमें ब्रोकर या ट्रेडर क्लाइंट के ऑर्डर की जानकारी का दुरुपयोग कर पहले अपने लिए ट्रेड करते हैं। यह बाजार की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाता है और अन्य निवेशकों को हानि होती है।
ED की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने 1 अगस्त को दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम, लुधियाना, अहमदाबाद, भुज, भावनगर, और कोलकाता में कई स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई Axis Mutual Fund द्वारा 2018 से 2021 के बीच किए गए फ्रंट-रनिंग द्वारा अवैध मुनाफा कमाने से जुड़ी गतिविधियों पर आधारित है।
मामले की शुरुआत
यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला मुंबई पुलिस द्वारा दिसंबर 2024 में दर्ज एक FIR से शुरू हुआ था। FIR में आरोप था कि जोशी ने Axis Mutual Fund के ट्रेड की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग किया और पहले से शेयरों में ट्रेड कर अवैध मुनाफा कमाया, जिससे निवेशकों को धोखा हुआ।
दुबई से ट्रेडिंग
ED के अनुसार, जोशी ने दुबई में एक टर्मिनल का उपयोग कर 'म्यूल ट्रेडिंग खातों' के जरिए फ्रंट-रनिंग ऑर्डर दर्ज किए थे।
अन्य आरोपी भी शामिल
जांच में यह भी पाया गया कि जोशी के अलावा अन्य कई ट्रेडरों और ब्रोकरों ने भी Axis Mutual Fund के ट्रेड की अग्रिम जानकारी का दुरुपयोग कर मुनाफा कमाया। अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध फंड का पता चला है।
फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल
ED का दावा है कि इस धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को कई फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किया गया, जो आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर थे। तलाशी के दौरान ED ने 17.4 करोड़ रुपये की संपत्ति, म्यूचुअल फंड्स, और बैंक बैलेंस को फ्रीज किया।