BBN में सक्रिय अवैध वसूली गैंग, उद्योगपतियों और अधिकारियों में दहशत
शिमला। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) में अवैध वसूली का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। यह गैंग खुद को फर्जी पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता बताकर उद्योगपतियों और अधिकारियों को ब्लैकमेल कर रहा है। आरोप है कि जब इनके मंसूबे पूरे नहीं होते, तो गैंग के सदस्य धमकी और हत्या तक की बात करने से पीछे नहीं हटते। इस गिरोह की गतिविधियों ने स्थानीय उद्योगपतियों में भारी दहशत पैदा कर दी है।
फर्जी खबरों और कॉन्ट्रैक्ट्स से कमाई
गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें तैयार कर बड़े प्लेटफॉर्म जैसी दिखाकर फैलाता है और अधिकारियों पर दबाव बनाता है। इसके अलावा, यह कबाड़ ठेके और सबलेट कॉन्ट्रैक्ट्स लेकर मोटी कमाई करता है। गिरोह का सरगना किशन कुमार कसाना उर्फ रिंकू है, जो खुद को एक राजनीतिक दल का पदाधिकारी बताता है। उसके खिलाफ बद्दी थाने में जानलेवा हमले की एफआईआर भी दर्ज है।
Extortion gang spreading fear in Himachal’s BBN industrial belt—posing as journalists & RTI activists to blackmail officials & businessmen. #BBN #Himachal #CrimeNews #Extortion pic.twitter.com/f0GGCbqbgp
— The Vocal News (@thevocalnews) September 29, 2025
दिल्ली तक फैला नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह फर्जी आईकार्ड बनाकर दिल्ली स्थित हिमाचल सरकार के भवनों में ठहरता है और अधिकारियों व उनके परिवारों की गतिविधियों पर नजर रखता है। वे वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाते हैं। इतना ही नहीं, गिरोह से जुड़ा तथाकथित आरटीआई एक्टिविस्ट उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री कार्यालय तक फर्जी ईमेल भेजता है।
अदालत और पुलिस में पहुंची शिकायतें
इस एक्टिविस्ट की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है, लेकिन उसके गुर्गे अब भी गैंग की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह गिरोह प्रदेश के औद्योगिक विकास पर गंभीर असर डाल सकता है। अदालत और पुलिस में शिकायतें पहुंच चुकी हैं और माना जा रहा है कि जल्द ही इस गैंग का पर्दाफाश हो सकता है।