कोविड-19 मौतों के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले विदेशी रिसर्च पेपर को केंद्र सरकार ने किया खारिज  

 
कोविड-19 मौतों के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले विदेशी रिसर्च पेपर को केंद्र सरकार ने किया खारिज  

केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश में कोविड -19 से हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में बहुत अधिक होने की खबरों का खंडन किया और उन्हें भ्रामक और पूरी तरह से गलत बताया. केंद्र ने कोविड-19 मौतों के आंकड़ें छुपाने का दावा करने वाले विदेश रिसर्च पेपर को खारिज कर दिया है.

सरकार ने कहा फ्रांसीसी जनसांख्यिकीय एक्सपर्ट क्रिस्टोफ़ गुइलमोटो द्वारा प्रकाशित शोध पत्र के जवाब में कहा, "इस रिसर्च पेपर का अनुमान है कि देश में नवंबर 2021 की शुरुआत में कोविड-19 से 32-37 लाख लोग मारे गए जबकि नवंबर 2021 के आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में यह 4.6 लाख था. ये अध्ययन तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और केवल एक अनुमान हैं, जिसमें दावा किया गया है कि देश के कोविड -19 की मृत्यु बहुत अधिक हो सकती है."

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राष्ट्रव्यापी मौतों का अनुमान लगाने के लिए केरल, रेलवे कर्मचारियों, सांसदों और विधायकों के साथ-साथ कर्नाटक के स्कूली शिक्षकों सहित चार अलग-अलग उपसमूहों के आंकड़ों पर आधारित रिसर्च स्टडी को खारिज करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि भारत में कोविड -19 घातक सहित मौतों की रिपोर्टिंग की एक मजबूत प्रणाली है जिसे शासन के सभी स्तरों पर नियमित रूप से संकलित किया गया है.

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सरकार की प्रतिक्रिया में आगे कहा गया, "यह रिसर्च स्टडी गलत अनुमान देने के लिए बाध्य है जिससे भ्रामक निष्कर्ष निकलते हैं. अध्ययन के निष्कर्षों/अनुमानों के एक अन्य अध्ययन के साथ अभिसरण में होने का सरासर औचित्य चौंकाने वाला है और उस पूर्वाग्रह को उजागर करता है जिसके साथ यह लिखा गया है."

सरकार ने जोर देते हुए कहा,"मौतों की रिपोर्टिंग नियमित रूप से पारदर्शी तरीके से की जाती है. राज्यों द्वारा स्वतंत्र रूप से रिपोर्ट किए जाने के बाद केंद्र द्वारा सभी मौतों का संकलन किया जाता है. विश्व स्तर पर स्वीकार्य वर्गीकरण के आधार पर सरकार के पास कोरोना से हुई मौतों को वर्गीकृत करने के लिए एक व्यापक परिभाषा है जिसे राज्यों के साथ साझा किया गया है और राज्य इसका अनुसरण कर रहे हैं."

कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को रिकॉर्ड करने में भारत की नागरिक पंजीकरण प्रणाली में चूक से इनकार करते हुए है, केंद्र ने कहा कि उसके पास पहले से ही कोविड -19 मौतों को रिकॉर्ड करने के लिए एक मजबूत और पूरी तरह से पारदर्शी प्रणाली है.

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि कोरोना से हो रही मौतों की संख्या में असंगति से बचने के लिए, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने दिशानिर्देश जारी किए हैं. कोविड-19 के कारण मामलों और मौतों की तारीख को महामारी की शुरुआत के बाद से दैनिक आधार पर सार्वजनिक किया जा रहा है.

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