उत्तरकाशी में बादल फटने से मचा हाहाकार, 5 की मौत, सेना और प्रशासन की रेस्क्यू कार्रवाई जारी
उत्तरकाशी, उत्तराखंड – उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में सोमवार को बादल फटने के बाद मलबे और बाढ़ की चपेट में आने से गंभीर तबाही मच गई। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई मकान और होटल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इसके साथ ही हर्षिल में स्थित हेलीपैड और सेना का कैंप भी इस आपदा की चपेट में आया, जिससे भारतीय सेना के 8-10 जवान लापता बताए जा रहे हैं।
सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन और आपदा का आकलन
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, सेना के जवान घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। भारतीय सेना ने ट्वीट किया कि “आईब्रेक्स ब्रिगेड के जवानों को घटना स्थल की ओर भेजा गया और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हम आपदा के इस वक्त में प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
मुख्यमंत्री धामी का रेस्क्यू कार्य पर ध्यान
राज्य सरकार ने तुरंत उत्तरकाशी जिले में तीन आईएएस अधिकारियों को तैनात किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए स्टेट डिजास्टर ऑपरेशन सेंटर पहुंचे। सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ राहत और बचाव कार्य में तेज़ी लाने का निर्णय लिया है।
एनडीआरएफ की ओर से दी गई जानकारी
एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी ने कहा, “हमने 3 टीमें घटनास्थल पर भेजी हैं और दो टीमें स्टैंडबाय पर हैं। खराब मौसम के कारण एयरलिफ्ट से मदद नहीं पहुंच पा रही है, लेकिन यदि मौसम ठीक रहा तो हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। धराली में सबसे ज्यादा तबाही है, वहां प्राथमिकता से रेस्क्यू कार्य जारी है।”
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना में प्रभावित लोगों की कुशलता के लिए प्रार्थना की और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर संपर्क कर स्थिति का अपडेट लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य सरकार से संपर्क कर घटनास्थल पर तैनात सुरक्षा बलों की सहायता बढ़ाने की बात की।
अब तक का रेस्क्यू कार्य
ब्रिगेड कमांडर ब्रिगेडियर मंदीप ढिल्लों ने बताया कि दोपहर 1:45 बजे के आसपास भूस्खलन और हिमस्खलन के कारण यह घटना हुई थी। सेना की टुकड़ी ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी और 10 मिनट के भीतर धराली गांव तक पहुंच गई। अब तक 20 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।