एक ही मंच पर बीजेपी के मंत्री से भिड़ें कांग्रेस के सांसद, हाथपाई की आई नौबत

Karnataka State BJP minster
Source- BJP Karnataka/Twitter

संसद में बयानबाज़ी तो आपने बहुत देखी होगी, नेताओ को शब्दों से तीखे वार करते भी देखा होगा। लेकिन अब लोग और ज़्यादा अग्रेसिव हो गए हैं, लोगों में अब एक-दूसरे के कटाक्ष सहने का शक्ति नहीं बची हैं। सबसे ज़्यादा विरोधों का सामना एक राजनेता को करना पड़ता हैं, राजनेता की सहनशीलता ही उसका क़द बताती हैं।आम जनमानस जिन पर भरोसा करके अपनी बागडोर उनके हाथों में सौंपती हैं।

वो सार्वजनिक मंचों पर कैसे बर्ताव करते हैं, उसका एक शर्मनाक वीडियो कर्नाटक के रामनागर में दिखाई दिया। एक सरकारी प्रोग्राम के दौरान बीजेपी के मंत्री “सीएन अश्वथ नारायण” और कांग्रेस के सांसद “डीके सुरेश” के बीच जमकर बवाल हुआ। बात इतनी ज्यादा बढ़ गई कि मंत्री व सांसद एक दूसरे के आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

उस वक्त कर्नाटका के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भी मंच पर मौजूद थे। लेकिन दोनो में किसी ने उनकी परवाह नहीं की।सरकार ने ये प्रोग्राम डॉ. बीआर अंबेडकर और बेंगलुरु के संस्थापक केम्पेगौड़ा की प्रतिमाओं के अनावरण के लिए आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री पहली बार रामनागर गए थे। विवाद तब हुआ जब कांग्रेस के सांसद डीके सुरेश ने बीजेपी मंत्री के भाषण पर आपत्ति जताई।

Karnataka CM
Source- Twitter

पहले दोनों के बीच जमकर बहस हुई। फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। यहां तक कि पीएसओ और पुलिस अधिकारीयों को बीचबचाव के लिए आगे आना पड़ा। कुछ नेता भी इसमें कूदते दिखे। विवाद में कांग्रेस के बेंगलुरु ग्रामीण के एमएलसी एस रवि भी कूद गए। रवि ने नारायण को बोलने से रोकने के लिए माइक फेंक दिया। हालांकि, विवाद के बाद सीएम बोम्मई ने कहा कि वह विकास में योगदान देने आए हैं और लोगों से राजनीति को विकास के साथ नहीं मिलाने का आग्रह किया।

इसके बाद सोशल मीडिया (ट्विटर) पर कर्नाटक भाजपा ने विपक्षी दल को नसीहत देते हुए लिखा- कांग्रेस संस्कृति गुंड संस्कृति का कोई अन्य उदाहरण नहीं है। यह विडंबना है कि एक सांसद राज्य के मुख्यमंत्री के मंच पर कार्य करना नहीं जानता। यह है निंदनीय है कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता यथा राजा तथा प्रजा की तरह काम कर रहे हैं। वो किसी को कुछ नहीं समझते हैं।

सोशल मीडिया पर विवाद को लेकर लोग गुस्से से भड़कते दिखे। एक यूजर ने कहा कि बीजेपी को किस बात का घमंड है। उन्हें बड़ा दिल दिखाना चाहिए था। तो एक ने पलटवार करते हुए कहा कि सबने देखा कि कौन मंत्री की तरफ आक्रामक तेवर लेकर बढ़ रहा था। दोष किसका है सबको पता है। लेकिन कुछ लोगों को गलती मानने में तकलीफ होती हैं।

यह भी पढ़े: Children Vaccination: 15 से 18 साल तक के बच्चे ऐसे बुक करें अपना स्लॉट

यह भी देखें: