दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में स्कूल फीस वृद्धि पर विधेयक और CAG रिपोर्ट होंगी पेश
नई दिल्ली, 2 अगस्त 2025 – दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दो महत्वपूर्ण CAG रिपोर्टों को सदन में पेश करेंगी। इस सत्र के दौरान, एक विधेयक पेश किया जाएगा जिसका उद्देश्य दिल्ली के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि को नियंत्रित करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में, CAG की पहली रिपोर्ट 'वर्ष 2023-24 के लिए राज्य के वित्त' पर आधारित होगी, जबकि दूसरी रिपोर्ट '31 मार्च, 2023 को खत्म होने वाले वर्ष के लिए भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण' पर केंद्रित रहेगी। इन रिपोर्टों में पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं।
शिक्षा मंत्री द्वारा पेश किया जाएगा स्कूल फीस नियंत्रण विधेयक
इस सत्र में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद द्वारा 'दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025' पेश किया जाएगा। यह विधेयक दिल्ली के निजी स्कूलों में फीस निर्धारण और बढ़ोतरी की प्रक्रिया को नियंत्रित करेगा, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। विधेयक का उद्देश्य अभिभावकों के हितों की रक्षा करना और स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि पर एक ठोस नियंत्रण प्रणाली प्रदान करना है।
स्कूलों पर कठोर दंड और जुर्माना
विधेयक के अनुसार, यदि स्कूलों ने फीस वृद्धि के नियमों का उल्लंघन किया तो उन पर कठोर दंड लगाया जाएगा। पहली बार उल्लंघन करने पर 1 लाख से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा, और पुनः उल्लंघन करने पर जुर्माना 2 लाख से 10 लाख रुपए तक बढ़ सकता है। यदि स्कूलों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर शुल्क वापस नहीं किया तो जुर्माना 20 दिनों के बाद दोगुना और 40 दिनों के बाद तिगुना हो जाएगा। बार-बार उल्लंघन करने पर स्कूल प्रबंधन के अधिकारियों पर भविष्य में शुल्क संशोधन का अधिकार भी समाप्त किया जा सकता है।
दिल्ली विधानसभा के तीसरे सत्र की शुरुआत
दिल्ली विधानसभा का यह तीसरा सत्र होगा, जिसमें सरकार के डिजिटल विधायिका के प्रयासों के तहत सभी दस्तावेज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। यह सत्र एक महत्वपूर्ण कदम है दिल्ली सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में।