दिल्ली में खतरे के निशान पर यमुना, हथिनीकुंड से छोड़ा गया 1.78 लाख क्यूसेक पानी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सोमवार को दिल्ली के ओल्ड रेलवे ब्रिज पर जलस्तर 205.24 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 205.30 मीटर है।
दिल्ली में बीते दो दिनों से बारिश नहीं हुई है, फिर भी यमुना का स्तर बढ़ने की वजह हरियाणा और उत्तर प्रदेश से छोड़ा गया पानी है। हथिनीकुंड बैराज से सोमवार दोपहर 49,604 क्यूसेक, वजीराबाद से 39,470 क्यूसेक और ओखला से 68,025 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
हथिनीकुंड से सीजन का सबसे बड़ा डिस्चार्ज
इस मानसून सीजन में पहली बार हथिनीकुंड बैराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी एक साथ छोड़ा गया। अनुमान है कि यह पानी 19 अगस्त तक दिल्ली पहुंच जाएगा, जिससे यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। रविवार को हथिनीकुंड से हर घंटे लगातार पानी छोड़ा गया—सुबह 8 बजे 44,787 क्यूसेक से लेकर शाम 4 बजे तक 1,78,996 क्यूसेक तक।
बाढ़ का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि वजीराबाद और ओखला बैराज से छोड़ा गया पानी जब हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी के साथ दिल्ली पहुंचेगा तो यमुना किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। पिछले साल (2023) में भी भारी जलस्तर बढ़ने से दिल्ली में बाढ़ की स्थिति बनी थी, जब यमुना का स्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था।