Ek Nazar: ₹34,615 करोड़ का बैंक घोटाला

 
Ek Nazar: ₹34,615 करोड़ का बैंक घोटाला

2022 में मुंबई से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले ने पूरे देश का ध्यान खींचा। मामला था DHFL (Dewan Housing Finance Limited) और उसके प्रमोटरों कपिल वधावन (Kapil Wadhawan) व धीरज वधावन (Dheeraj Wadhawan) से जुड़ा, जिन पर बैंकों से लिए गए हज़ारों करोड़ रुपए का ग़लत इस्तेमाल करने का आरोप लगा।

घोटाले की जड़

DHFL ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) की अगुवाई वाले 17 बैंकों के समूह से ₹42,871 करोड़ का कर्ज़ लिया था। आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा फर्जी कंपनियों और सहयोगी फर्मों में घुमा दिया गया। बाद में कंपनी ने लगभग ₹34,615 करोड़ की अदायगी नहीं की, जिससे यह कर्ज़ बैंकों के लिए डूब गया।

WhatsApp Group Join Now

CBI की कार्रवाई

जून 2022 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI – Central Bureau of Investigation) ने मुंबई समेत 12 ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें वधावन भाइयों से जुड़ी संपत्तियां और सहाना ग्रुप (Sahana Group) के बिल्डर सुधाकर शेट्टी (Sudhakar Shetty) के परिसरों पर भी तलाशी हुई। जांच में आरोप सामने आया कि फंड्स सहाना ग्रुप की कंपनियों में ट्रांसफर किए गए, जिनमें वधावन भाइयों का वित्तीय हित था।

मामला क्यों गंभीर?

यह सिर्फ़ एक कंपनी का डिफॉल्ट नहीं था, बल्कि इसमें पूरे बैंकिंग सिस्टम पर भरोसे का संकट खड़ा हुआ। ₹34,615 करोड़ की चपत सीधे बैंकों और जनता के पैसों पर पड़ी।

मुख्य तथ्य (2022 रिपोर्ट):

  • कर्ज़ राशि (Loan Amount): ₹42,871 करोड़
  • डिफॉल्ट राशि (Default Amount): ₹34,615 करोड़
  • जांच एजेंसी (Investigating Agency): CBI
  • तलाशी अभियान (Search Operation): 12 परिसरों पर

मुख्य आरोपी (Main Accused): कपिल वधावन (Kapil Wadhawan), धीरज वधावन (Dheeraj Wadhawan), सुधाकर शेट्टी (Sudhakar Shetty)

 यह मामला भारतीय बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और बताता है कि कैसे कॉरपोरेट और बैंकिंग सिस्टम की गड़बड़ियां जनता के पैसे पर भारी पड़ सकती हैं।

Tags

Share this story