फिट इंडिया ने सद्गुरु द्वारा कल्पित ‘ईशा ग्रामोत्सव’ को दी मान्यता, 35 हजार गांवों में खेलों से गूंजा उत्सव

 
फिट इंडिया ने सद्गुरु द्वारा कल्पित ‘ईशा ग्रामोत्सव’ को दी मान्यता, 35 हजार गांवों में खेलों से गूंजा उत्सव

भारत सरकार की फिट इंडिया पहल ने सद्गुरु के विज़न पर आधारित ‘ईशा ग्रामोत्सव’ को मान्यता दी है। यह भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण खेल महोत्सव है, जो खेलों और ग्रामीण संस्कृति के जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का मजबूत माध्यम बना है।

ईशा ग्रामोत्सव ने ग्रामीण समाज में नई ऊर्जा जगाई है। यह आयोजन लोगों को नशे की आदतों से उबरने, जातिगत बंधनों को तोड़ने और महिलाओं को घर की चौखट से बाहर लाकर खेलों में भागीदारी करने के लिए प्रेरित कर रहा है। सद्गुरु के शब्दों में, “ईशा ग्रामोत्सव जीवन का उत्सव है, जो खेलों के माध्यम से मनुष्यों को जोड़ता है और सीमाओं को मिटाता है।”

फिट इंडिया ने सद्गुरु द्वारा कल्पित ‘ईशा ग्रामोत्सव’ को दी मान्यता, 35 हजार गांवों में खेलों से गूंजा उत्सव

2025 का संस्करण 7 राज्यों—आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुडुचेरी और पहली बार ओडिशा—के 35,000 गांवों में आयोजित हो रहा है। इसमें 5,000 टीमें और 50,000 खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें 5,000 महिलाएं भी होंगी। पुरुषों के लिए वॉलीबॉल और महिलाओं के लिए थ्रोबॉल की प्रतियोगिताएं क्लस्टर से लेकर डिविजनल स्तर और अंतिम चरण में कोयंबटूर स्थित 112 फीट ऊंचे ‘आदियोगी’ प्रतिमा स्थल पर होंगी।

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फिट इंडिया ने सद्गुरु द्वारा कल्पित ‘ईशा ग्रामोत्सव’ को दी मान्यता, 35 हजार गांवों में खेलों से गूंजा उत्सव

यह आयोजन किसानों, मछुआरों, दिहाड़ी मजदूरों और गृहिणियों तक को खेलों का हिस्सा बनने का मंच देता है। हर टीम केवल अपने ग्राम पंचायत से बनती है, जिससे स्थानीय बंधन और सामुदायिक गर्व और मजबूत होता है।

ईशा आउटरीच को इससे पहले 2018 में राष्ट्रपति द्वारा ‘राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार’ मिल चुका है और भारत सरकार के युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय द्वारा इसे राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन (NSPO) के रूप में भी मान्यता दी गई है।

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