Ganesh Chaturthi 2025: जानें गणपति पूजन का शुभ मुहूर्त और विशेष योग
Ganesh Chaturthi 2025: हिंदू धर्म में भगवान गणेश की पूजा को सभी बाधाओं को दूर करने और सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है। गणेश चतुर्थी यानी गणपति के जन्मदिवस पर यह पूजा और भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस बार 2025 की गणेश चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, लक्ष्मी योग और गज केसरी योग का संयोग बन रहा है, जिससे इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और बढ़ गया है।
गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामराज उपाध्याय के अनुसार, राहुकाल को छोड़कर गणपति की स्थापना सुबह से दोपहर तक के शुभ समय में की जा सकती है।
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सुबह 6:00 से 7:00 बजे तक — लाभ चौघड़िया
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सुबह 7:00 से 9:00 बजे तक — अमृत चौघड़िया
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सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक — सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
इन समयों में गणपति की मूर्ति स्थापना करना बेहद शुभ माना जाएगा।
विशेष योग और राशियों पर प्रभाव
गणेश चतुर्थी पर लक्ष्मी योग और गज केसरी योग बन रहे हैं। मान्यता है कि इस योग में पूजन करने से धन, संपत्ति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह योग सभी राशियों के लिए शुभ है, लेकिन तुला, वृश्चिक, धनु, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए यह विशेष रूप से लाभदायक रहेगा। इन राशियों के जातकों की आर्थिक चिंताएं दूर होंगी और भाग्य का साथ मिलेगा।
भद्रा का प्रभाव
इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर दोपहर 1:53 बजे तक भद्रा रहेगी, लेकिन यह पाताल लोक में होगी। इस कारण से गणपति की पूजा और स्थापना पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। भक्त निश्चिंत होकर विधि-विधान से गणपति का पूजन कर सकते हैं।