I.N.D.I.A.समन्वय समिति की बैठक, सीट शेयरिंग समेत इन मुद्दों पर चर्चा

India Alliance: विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की पहली बैठक है। एनसीपी चीफ शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर होने वाली इस बैठक में कमेटी के सभी 14 सदस्य शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के नाम तय करने सहित अन्य कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन में शामिल कई नेताओं ने सीट के बंटवारे का फॉर्मुला शीघ्र तैयार करने की मांग की है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाले लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के खिलाफ विपक्ष की तरफ से एक संयुक्त उम्मीदवार खड़ा किया जा सके।
बैठक में शामिल होंगे ये नेता
बैठक में जो 14 सदस्य शामिल होंगे वो हैं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, डीएमके नेता टीआर बालू, जेएमएम नेता हेमंत सोरेन, शिवसेना-यूबीटी नेता संजय राउत, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, 'AAP' नेता राघव चड्ढा, समाजवादी पार्टी के नेता जावेद अली खान, जेडीयू नेता ललन सिंह, सीपीआई नेता डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला, पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और सीपीआई-एम से एक सदस्य।
TMC नेता नहीं होंगे शामिल
TMC नेता अभिषेक बनर्जी और जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह बैठक में शामिल नहीं होंगे। दरअसल, अभिषेक बनर्जी को ईडी ने 13 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है जिस वजह से बैठक का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। वहीं ललन सिंह खराब स्वास्थ्य की वजह से इससे नदारद रहेंगे। उनकी जगह संजय कुमार झा शामिल होंगे। ऐसे में टीएमसी छोड़कर सभी दलों के नेताओं का इस बैठक में शामिल होना तय माना जा रहा है।
चुनाव का रोडमैप बनाने के लिए राज्यों को 4 श्रेणियों में
समन्वय समिति के सदस्यों ने एक एजेंडा तैयार किया है। जिसे बैठक में अंतिम रूप प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा इस बैठक में साझा रैलियों, प्रचार व सोशल मीडिया रणनीति पर भी फैसला किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि चुनाव और प्रचार का रोडमैप बनाने के लिए राज्यों को 4 श्रेणियों में बांटा गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्य शामिल किए गए हैं।
दूसरी श्रेणी
दूसरी श्रेणी में राजस्थान, मप्र, गुजरात, हिमाचल, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य हैं, जहां लड़ाई कांग्रेस-भाजपा के बीच है। इस स्थिति में इन राज्यों के लिए राष्ट्रीय मुद्दों और राज्य के मुद्दों को मिलाकर रणनीति बनाई जा सकती है।
तीसरी श्रेणी
ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना हैं। इन राज्यों में उन पार्टियों की सरकारें हैं जो इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं हैं।
चौथी श्रेणी
पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, केरल और गोवा जैसे राज्य हैं जहां गठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच ही मुकाबले की स्थिति निर्मित हो सकती है। ऐसे में यहां सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंस सकता है। आज होने वाली बैठक में इन राज्यों के लिए सीट बंटवारे के फॉर्मुले पर फोकस रहने की संभावना है।