INSIGHT 2025: नितिन परांजपे ने बताया कैसे HUL ने 5 लाख स्टोर जोड़ने का लक्ष्य हासिल किया
‘Insight: The DNA of Success’ के दूसरे दिन, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नितिन परांजपे ने कंपनी की उस ऐतिहासिक उपलब्धि की कहानी साझा की, जब HUL ने एक ही वर्ष में 5 लाख नए स्टोर जोड़ने जैसा असंभव लगने वाला लक्ष्य हासिल किया। 28 नवंबर की सुबह आयोजित सत्र में परांजपे ने बताया कि यह लक्ष्य शुरुआत में अव्यावहारिक लगा, लेकिन इसी साहसी सोच ने संगठन में नई ऊर्जा और नवाचार को जन्म दिया।
उन्होंने कहा, “अगर हम 60, 70 या 80 हज़ार भी जोड़ लेते तो हम हीरो बन जाते। लेकिन 5 लाख का लक्ष्य अपनाते ही हमारी सोच बदल गई। कुछ हफ्तों बाद बातचीत का तरीका बदला, ऊर्जा बढ़ी और नए आइडिया आने लगे… और साल के अंत तक हमने 5 लाख का आंकड़ा छू लिया—जो किसी की भी कल्पना से परे था।”

परांजपे ने यह भी कहा कि असफलता का डर ही व्यक्ति को औसत परिणामों तक सीमित कर देता है, जबकि साहसी लक्ष्य छिपी क्षमता को सामने लाते हैं। उनके अनुसार, छोटे लक्ष्य हमें कभी यह जानने नहीं देते कि हमारे भीतर कितनी गहराई और क्षमता है।
इसी सत्र में रोहित बंसल, को-फाउंडर, Titan Capital और AceVector, ने अपनी उद्यमशीलता यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआती असफलताओं ने उन्हें लचीला बनना सिखाया और यह समझ दी कि सफल उद्यमियों और असफल लोगों में केवल अंतर यह है कि सफल लोग थोड़ी देर और टिके रहते हैं और थोड़ा ज़्यादा प्रयास करते हैं।
उन्होंने अपने साथी कुणाल बहल के साथ साझेदारी पर कहा कि दोनों ने यह तय किया था कि वे हमेशा साथ जीतेंगे या साथ हारेंगे—इससे अहंकार दूर हुआ और हर चर्चा केवल बिजनेस के हित में होने लगी।
कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में आयोजित INSIGHT 2025 में अमेरिका, यूके, जापान, सिंगापुर सहित 20+ देशों से आए 200 से अधिक CXOs और बिजनेस लीडर्स शामिल हो रहे हैं। 27–30 नवंबर तक चलने वाला यह कार्यक्रम बिजनेस स्केलिंग, लीडरशिप डेवलपमेंट और आंतरिक क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित है।
अगले दो दिनों में कार्यक्रम में शशांक कुमार (DeHaat), राज सिसोदिया (Conscious Capitalism) और डॉ. बाला सुब्रमण्यम (हार्वर्ड मेडिकल स्कूल) जैसे प्रतिष्ठित वक्ता शामिल होंगे। पहले दिन सद्गुरु, लॉर्ड करन बिलिमोरिया और माधबी पुरी बुच ने सत्र लिए थे।
सद्गुरु द्वारा स्थापित सद्गुरु एकेडमी नेतृत्व शिक्षा और आंतरिक खुशहाली को जोड़कर ऐसे नेताओं का निर्माण करती है जो स्पष्टता, ईमानदारी और समावेशिता के साथ निर्णय ले सकें।